सीएम योगी का बलरामपुर दौरा : मां पाटेश्वरी के दरबार में टेका माथा, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर विकास कार्यों का लिया जायजा
बलरामपुर, 12 मार्च। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर विकास कार्यों की जानकारी ली। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने बलरामपुर प्रवास के दूसरे दिन जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की एवं विकास कार्यों की जानकारी लेते हुए जनपद के विकास का पूरा भरोसा दिलाया।
बलरामपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने बलरामपुर झारखंडी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज की मांग की एवं हनुमानगढ़ी से नहर बालागंज एवं गेलहापुर तक सड़क को चौड़ा करने की मांग की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही निर्माण कार्य कराया जाएगा।
सरकार की तरफ से जारू बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने चैत नवरात्र में लगने वाले मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा निर्देश दिया कि मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, यह अभी से ही सुनिश्चित कर लिया जाना चाहिए प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री ने तुलसीपुर के आदिशक्ति पीठ देवी पाटन मंदिर में देवी दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा गोशाला में गायों को गुड़ और चूरा खिलाया।
मां पाटेश्वरी के दरबार में योगी ने टेका माथा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बलरामपुर जिले के तुलसीपुर स्थित प्रसिद्ध देवी शक्तिपीठ माँ पाटेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां पाटेश्वरी की आरती उतारकर प्रदेशवासियों के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को बलरामपुर पहुंचे थे और उन्होंने मंदिर परिसर में ही रात्रि विश्राम किया। गुरुवार सुबह उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और आगामी चैत्र नवरात्रि से पहले मंदिर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर स्थित गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गोमाता को गुड़ और चारा खिलाया तथा गोशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से नवरात्रि मेले की तैयारियों के बारे में जानकारी भी ली। इस अवसर पर मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी तथा कालीबाड़ी मंदिर के महंत रविंद्र दास भी उपस्थित रहे।
