सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में ‘जीरो टॉलरेंस’ का किया वादा

देवरिया, 26 जून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर के चढ़ावा में कथित हेराफेरी के मामले पर विपक्ष के रुख की कड़ी आलोचना की। उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए ने कहा कि जिन लोगों ने मंदिर निर्माण का विरोध किया था, वे अब राजनीतिक फायदे के लिए यह मुद्दा उठा रहे हैं।

सीएम योगी ने चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर पहली FIR दर्ज होने के बाद देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ ‘जीरो टॉलरेंस’ (सख्त काररवाई) की नीति अपनाएगी।

देवरिया में 456 करोड़ रुपये की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी 456 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत वाली 106 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। भगवान राम और अयोध्या से जुड़े मामलों पर सवाल उठाने वालों पर बात करते हुए, आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि जो लोग अब आपत्ति जता रहे हैं, उन्होंने पहले भगवान राम के अस्तित्व और अयोध्या के महत्व को ही नकार दिया था।

कांग्रेस ने न सिर्फ देश को लूटा बल्कि उसे तहस-नहस भी कर दिया

सीएम योगी ने कहा, ‘एक पक्ष तो यह कहता था कि भगवान राम का कोई अस्तित्व ही नहीं है, यानी वे लोग अयोध्या के अस्तित्व को ही नकारना चाहते थे। उन्होंने लगातार कोर्ट में केस लड़ा, राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए वकीलों की फौज खड़ी की, और दूसरा पक्ष वह था जो ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों पर लाठियां चलाता था और गोलियां बरसाता था। जो लोग भगवान राम का नाम लेने पर ही गोलियां चला देते थे, वे अब कह रहे हैं कि आस्था के साथ छेड़छाड़ हुई है… वे राम नवमी पर दंगे भड़काते थे, श्री कृष्ण जन्माष्टमी के जश्न पर रोक लगाते थे, कांवड़ यात्रा को रोकते थे, दुर्गा पूजा के दौरान दंगे भड़काते थे… याद रखिए, कांग्रेस ने न सिर्फ देश को लूटा, बल्कि उसे तहस-नहस भी कर दिया। उन्होंने बेईमानी और भ्रष्टाचार के जो रिकॉर्ड बनाए, वही लोग अब अयोध्या पर सवाल उठा रहे हैं? यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

सरकार का इरादा साफ है… सब कुछ सबके सामने आएगा

उन्होंने कहा, ‘सरकार का इरादा साफ है… सब कुछ सबके सामने आएगा। लेकिन मैं एक बार फिर अपील करता हूं : राम भक्तों की परीक्षा न लें, उनकी आस्था के साथ छेड़छाड़ बंद करें। यदि कोई तथ्य या सबूत नहीं है, तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करें, और अगर सबूत हैं, तो उन्हें SIT के सामने पेश करें। सरकार SIT की सिफारिशों के आधार पर काररवाई कर रही है और जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम इस पर काम कर रही है, तो इस बारे में राजनीतिक बयानबाजी बंद करें।’

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