लखनऊ, 10 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की चुनौती स्वीकार करते हुए उन्हें भी आमने-सामने चुनाव लड़ने का खुला प्रस्ताव दे दिया है।
अखिलेश बोले- ‘मेरा बयान राजनीतिक सलाह थी न कि कोई चुनौती’
हालांकि अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने संबंधी उनका बयान राजनीतिक सलाह थी, न कि कोई चुनौती।
‘अखिलेश यादव में दम है तो वह भी अयोध्या से चुनावी मैदान में सामने आएं’
फिलहाल सीएम योगी ने अखिलेश की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा, ‘अखिलेश जी, मैं आपको ऑफर करता हूं। आइए, आप भी श्री अयोध्या धाम में नामांकन करिए और मैं भी करता हूं।’ उन्होंने कहा कि अब अखिलेश यादव में दम है तो वह भी अयोध्या से चुनावी मैदान में सामने आएं। मुकाबला आमने-सामने होना चाहिए।
अखिलेश जी,
मैं आपको ऑफर करता हूं।
आइए, आप भी श्री अयोध्या धाम में नामांकन करिए और मैं भी करता हूं… https://t.co/R4Jtz6vNOw
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 10, 2026
‘माफिया के सामने नाक रगड़ने वालों की चुनौती स्वीकार’
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या उनके लिए चुनाव का नहीं, आस्था का केंद्र है। फिर भी, वे माफियाओं के सामने नाक रगड़ने वालों की चुनौती स्वीकार करते हैं। अब देखना है कि अखिलेश यादव अयोध्या से लड़ने की हिम्मत जुटा पाते हैं या 40% स्वजातीय वोटर वाले क्षेत्र से ही चुनाव लड़ेंगे, ताकि हार की बेईज्जती से वो बच सकें।
यही है PDA- परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी
एक दिन पहले की ही बात है, जब राज्यसभा का चुनाव हुआ, लेकिन समाजवादी पार्टी ने एक भी दलित को प्रत्याशी नहीं बनाया। एक सीट पर अखिलेश यादव के चचा जान गए और दूसरी सीट एक धन्ना सेठ को बेच दी। यही है PDA- परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी।
सीएम योगी ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी की चौथी बार सरकार बनी, लेकिन मथुरा घाट पर पुल नहीं बन पाया। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार आने के बाद मथुरा घाट पर भी पुल निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया गया है… अब जनपद बलरामपुर में रिंग रोड भी बन रही है, चीनी मिल का विस्तार भी हो रहा है… थारू म्यूजियम भी हमारी जनजातीय संस्कृति और धरोहर को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।’
मां पाटेश्वरी की पावन धरा जनपद बलरामपुर में ₹803 करोड़ से अधिक लागत की 78 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। चुनाव जीतें तो इनका पुरुषार्थ और हार जाएं तो EVM की गलती हो गई… इनका दोहरा चरित्र देखिए। कांग्रेस के समय घोटाले पर घोटाले की एक लंबी शृंखला खड़ी हुई थी। समाजवादी पार्टी तो घोटालों की ही सरकार थी… इन्हें अपने कृत्यों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अयोध्या पहुंचे पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती देते हुए कहा था कि बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री यदि इतने ही आश्वस्त हैं तो उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए।
अखिलेश ने बातचीत में सीएम योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने संबंधी सवाल पर कहा, यह राजनीतिक सलाह थी कि अगर वह अयोध्या से इतने ही आश्वस्त हैं और उन्होंने कहा है कि 15 दिन के अंदर दूध का दूध और पानी हो जाएगा, तो उन्हें यही फैसला लेना चाहिए और अगला चुनाव अयोध्या से लड़ना चाहिए।’


