सीएम नीतीश की विधानसभा में दो टूक – जो शराब पीकर मरेगा, उसे सहायता राशि देने का सवाल ही पैदा नहीं होता’

पटना, 16 दिसम्बर। बिहार में विभिन्न जिलों में जहरीली शराब के सेवन से होने वालीं मौतों को लेकर विपक्ष जहां मुख्यमंत्री नीतीश सरकार को बिहार विधानसभा में घेर रहा है वहीं नीतीश कुमार ने शुक्रवार को दो टूक जवाब देते हुए कह दिया कि शराब पीकर मृत्यु पर सहायता राशि देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

नीतीश कुमार ने विधानसभा में हंगामे के बीच कहा, ‘शराब पिया तो मरा। मत पियो, मरोगे। इसका तो और ज्यादा प्रचार कराएंगे। जो दारू पी कर मर जाएंगे तो उन्हें हम सहायता राशि देंगे, सवाल ही नहीं पैदा होता। ये कभी मत सोचिए।’ नीतीश ने विपक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘अगर यही करना है तो सब मिलकर तय कर लीजिए। खूब कहिए कि शराब पियो। इसलिए ये बात ठीक नहीं है। पियेगा, गड़बड़ पियेगा तो मरेगा। इस बात का ध्यान रखिए। इसका आग्रह कर रहे हैं।’

सीएम नीतीश ने कहा, ‘कम्युनिस्ट पार्टी भी शराब के सख्त खिलाफ है। आप लोग तो नए हैं। हम लोगों का आज का रिश्ता नहीं है, बहुत पुराना है। हमलोग सोशलिस्ट है, कम्युनिस्ट हैं। जब हम संसद का चुनाव लड़ते थे और पार्टियां साथ नहीं थीं फिर भी सारे सीपीआई, सीपीएम के लोग हमको मदद करते थे।’

भाजपा ने राजभवन में विरोध मार्च निकाला, विधानसभा में भी हंगामा काटा

उधर, भाजपा ने जहरीली शराब मामले को लेकर राजभवन में विरोध मार्च निकाला। वहीं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के विधानसभा में बोलने के दौरान भाजपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और खूब हंगामा किया। यही नहीं विधायकों ने वहां रखी कुर्सियां भी अपने हाथ में उठा लीं। इस दौरान स्पीकर अवध बिहारी चौधरी विपक्ष को शांत रहने और विधानसभा की कार्यवाही में सहयोग करने का आग्रह करते रहे। उन्होंने कहा, ‘बिहार की जनता सब देख रही है और आपलोग जिस तरह का आचरण करते हैं, वह अशोभनीय है।’

 

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