सीएम ममता बनर्जी ने CEC को फिर लिखा पत्र, बोलीं – ‘बंगाल में SIR प्रक्रिया में हो रहा खेल, तुरंत सुधारें या प्रक्रिया रोकें’
कोलकाता, 4 जनवरी। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को एक बार फिर पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र में उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक कमियों का उल्लेख करते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की है।
सीएम ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार से राज्य में जारी मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकने की अपील की और चेतावनी दी कि इससे बड़ी संख्या में वोटरों का वोट छिन सकता है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की लोकतांत्रिक नींव को ऐसा नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
SIR प्रक्रिया में बहुत ज्यादा समझौता किया गया
गत तीन दिसम्बर को CEC ज्ञानेश कुमार को लिखे चार पृष्ठ के पत्र में, ममता बनर्जी ने राज्य में SIR के संचालन में कथित गड़बड़ियों, प्रोसेस के उल्लंघन और एडमिनिस्ट्रेटिव कमियों पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि यह प्रक्रिया बिना योजना और बिना तैयारी के शुरू की गई। उन्होंने दावा किया, ‘SIR प्रक्रिया में बहुत ज्यादा समझौता किया गया है और यह हमारे लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे और संविधान की भावना पर हमला करता है।’
As India’s democracy faces a defining moment, Hon’ble CM Smt. @MamataOfficial has stepped forward as its strongest defender. In a hard-hitting letter to CEC Gyanesh Kumar, she has exposed the disturbing bias and chaos in the SIR process:
• An alarming and unexplained haste in… pic.twitter.com/6MBHcEPhs8
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) January 4, 2026
बेवजह जल्दबाजी और जमीनी काम की कमी के कारण गंभीर कमियां हुईं
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बेवजह जल्दबाजी और काफी जमीनी काम की कमी के कारण गंभीर कमियां हुई हैं, जिनमें खराब IT सिस्टम, अलग-अलग निर्देश और इस काम के लिए नियुक्त अधिकारियों की अपर्याप्त ट्रेनिंग शामिल है। उन्होंने कहा, ‘अगर इसे इसी तरह जारी रहने दिया गया तो SIR से ऐसा नुकसान होगा, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। बड़ी संख्या में वोटरों को वोट देने से रोका जाएगा और लोकतांत्रिक बुनियाद पर हमला होगा।’
मनमाने और बिना प्लान के इस काम को रोका जाना चाहिए
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से तुरंत सुधार के उपाय करने की अपील की और कहा, ‘मनमाने और बिना प्लान के इस काम को रोका जाना चाहिए।’ उन्होंने सुनवाई के दौरान बूथ-लेवल एजेंट्स (BLAs) को कथित तौर पर मना करने की बात भी उठाई और कहा कि इससे SIR की ‘निष्पक्षता, पारदर्शिता और भरोसे पर गंभीर सवाल’ उठते हैं। इस काम के लिए पोल पैनल को जिम्मेदार ठहराते हुए बनर्जी ने कहा कि भारत के चुनाव आयोग को ‘उसकी देखरेख या निर्देश में किए गए किसी भी गैर-कानूनी, मनमाने या पक्षपाती काम के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
