लखनऊ, 25 अगस्त। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ संवाद करते हुए कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया संविधान, कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित होती है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण जमीनी कड़ी हैं बीएलओ
ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण जमीनी कड़ी बताते हुए उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और विशेष रूप से युवाओं तथा विवाह के बाद नए स्थानों पर पहुंची महिलाओं समेत हर पात्र मतदाता को मतदाता सूची से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत में करीब 97 करोड़ मतदाता हैं, जो अपने आप में दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
लखनऊ से अपने पुराने पारिवारिक और शैक्षणिक संबंधों को भी साझा किया
लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया में करीब 1.80 करोड़ लोग प्रतिनियुक्ति पर कार्य करते हैं। सीईसी ने कहा कि इतनी व्यापक और विशाल चुनावी प्रक्रिया को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से संचालित करने में करीब 12 लाख बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बीएलओ से संवाद के दौरान लखनऊ से अपने पुराने पारिवारिक और शैक्षणिक संबंधों को भी साझा किया।
Chief Election Commissioner Shri Gyanesh Kumar was warmly welcomed by the Chief Electoral Officer, Uttar Pradesh, at the Interaction with Booth Level Officers (BLOs) at Indira Gandhi Pratishthan, Lucknow.
The programme commenced with the ceremonial lighting of the lamp.#ECI… pic.twitter.com/dHrJ7JjXrP
— Election Commission of India (@ECISVEEP) August 25, 2026
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लखनऊ से उनका जुड़ाव पुराना है और बीएलओ के साथ उनका संवाद किसी औपचारिक बैठक की तरह नहीं, बल्कि एक सामान्य परिवार के साथ जुड़ाव की तरह है। उन्होंने कहा कि बीएलओ का दायित्व केवल मतदाता सूची तैयार करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। मतदाता सूची से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरे नाम और अपात्र विदेशी नागरिकों से जुड़े नामों को हटाने के साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
“No Eligible Voter To Be Left Behind” 🇮🇳
While addressing the BLO Conference at Indira Gandhi Pratishthan, Lucknow, CEC Shri Gyanesh Kumar gave a clear call to Booth Level Officers to ensure that every eligible voter is included in the electoral roll, while underlining their… pic.twitter.com/zZxlesWu4E
— Election Commission of India (@ECISVEEP) August 25, 2026
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय समवर्ती ऑडिट व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची के प्रारूप स्तर से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहती है। बीएलओ द्वारा तैयार मतदाता सूची का राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के स्तर पर परीक्षण किया जाता है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मतदान के दिन मॉक पोल से लेकर फॉर्म-17सी के भाग-1 को भरने और ईवीएम को सील करने तक की प्रक्रिया उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में पूरी की जाती है। इसी तरह मतगणना के दौरान भी उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंट मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव की प्रत्येक महत्वपूर्ण प्रक्रिया में हितधारकों की भागीदारी और निगरानी व्यवस्था पारदर्शिता को मजबूत करती है।
मतदाता जागरूकता व मतदाता सहभागिता बढ़ाना बीएलओ की बड़ी जिम्मेदारी
उन्होंने बीएलओ से कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में आगामी चुनावों के दौरान मतदाता जागरूकता और मतदाता सहभागिता बढ़ाना बड़ी जिम्मेदारी है। खासकर युवाओं, पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं और विवाह के बाद दूसरे स्थान पर रहने वाली महिलाओं तक पहुंच बनाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।
निष्पक्ष चुनाव ही पर्याप्त नहीं, पात्र नागरिकों की चुनावी भागीदारी भी उतनी ही जरूरी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए केवल निष्पक्ष चुनाव कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों की चुनावी भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। इस लिहाज से बीएलओ की भूमिका चुनाव आयोग और आम मतदाता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आती है।


