मुर्शिदाबाद में बोले नड्डा – ममता ऐसी सरकार चाहती हैं, जो आतंकवाद के खिलाफ नरम रुख अपनाए

मुर्शिदाबाद, 28 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने रविवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी केंद्र में ऐसी सरकार चाहती हैं, जो आतंकवाद को लेकर नरम रुख अपनाए।

जे.पी. नड्डा ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार, जबरन वसूली, तुष्टीकरण और भेदभाव के लिए जानी जाती है।

दिल्ली में ‘मजबूर  सरकार’ चाहती हैं ममता

नड्डा ने कहा, ‘हम ‘मजबूत सरकार’ की बात करते हैं, लेकिन ममता बनर्जी ‘मजबूर सरकार’ चाहती हैं। वह दिल्ली में ऐसी सरकार चाहती हैं, जो तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार एवं भेदभाव में विश्वास रखती हो और आतंकवादियों के प्रति नरम रुख अपनाती हो। हम तुष्टीकरण की उनकी राजनीति के खिलाफ हैं, जो घुसपैठियों का समर्थन करती है और सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) का विरोध करती है… उनकी सरकार को आतंकवादियों से सहानुभूति है।’

भाजपा अध्यक्ष ने उस स्कूल भर्ती घोटाले का जिक्र किया, जिसके कारण करीब 26,000 लोगों की नौकरियां चली गईं। नड्डा ने आरोप लगाया कि तृणमूल शासन में भ्रष्टाचार और लूट आम बात हो गई है। उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में इस सरकार ने अनगिनत घोटालों के अलावा कुछ नहीं दिया है। हाल में सामने आए शिक्षक भर्ती घोटाले के कारण हजारों लोगों की आजीविका और अवसर छिन गए.. इससे साबित होता है कि राज्य में भ्रष्टाचार और लूट रोजमर्रा की बात है।’

उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह तुष्टीकरण की राजनीति के शर्मनाक खेल में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), एससी (अनुसूचित जाति) और एसटी (अनुसूचित जनजाति) भाइयों और बहनों के अधिकारों को छीनने पर आतुर है और राजनीतिक लाभ के लिए मुसलमानों को लुभा रही है।

राज्य में ममता बनर्जी के शासन में महिलाएं सुरक्षित नहीं

नड्डा ने संदेशखाली से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में ममता बनर्जी के शासन में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘संदेशखाली में जिस तरह महिलाओं का उत्पीड़न किया गया और ममता बनर्जी ने महिलाओं के सम्मान एवं गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले शाहजहां शेख को बचाने की जैसी कोशिश की, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक महिला-शासित राज्य में महिलाओं के उत्पीड़न से अधिक शर्मनाक बात और क्या हो सकती है? ममता बनर्जी ने ‘मां, माटी और मानुष’ का नारा दिया था, लेकिन राज्य में न तो माताएं सुरक्षित हैं और न ही बहनें। संदेशखालि में जो हुआ, वह दिल दहला देने वाला है। संदेशखाली में तृणमूल के गुंडों ने हमारी बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया।’

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