एशियाई पैरा खेल : तीरंदाज शीतल-पायल की जोड़ी को कंपाउंड महिला युगल में रजत, तैराक रवि ने भी लूटी वाहवाही

नागोया, 21 अक्टूबर। भारतीय पैरा एथलीटों ने जहां पांचवें एशियाई पैरा खेलों (Aichi-Nagoya 2026 Asian Para Games) में पदक बटोरो अभियान जारी रखते हुए बुधवार को पांच स्वर्ण सहित 22 पदक बटोरे वहीं अन्य स्पर्धाओं में भी देश को पदक मिलने का सिलसिला जारी है। इस क्रम में तीरंदाजी, तैराकी, बैडमिंटन व पावरलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़िय़ों ने पदक स्पर्धाओं के तीसरे दिन वाहवाही लूटी।

दो दिन पूर्व एक विश्व रिकॉर्ड की बराबरी और एक विश्व रिकॉर्ड तोड़ने वाली भुजाहीन कंपाउंड तीरंदाज शीतल देवी ने महिला युगल में पायल नाग के साथ रजत पदक जीता तो तैराकी में रवि कार्तिक बुदिगिना ने इन खेलों में दूसरा रजत अपने नाम किया, जब वह पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहे। बैडमिंटन में कृष्णा नागर व सिवाराजन सोलाइमलाइ ने पुरुष युगल एसएच6 स्पर्धा पावरलिफ्टिंग में पोलियो से जूझ रहीं कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलो वर्ग में रजत पदक जीता।

62 पदकों के साथ पदक तालिका में पांचवें स्थान पर है भारतीय दल

भारतीय दल के ओवरऑल प्रदर्शन बात करें तो पदक स्पर्धांओं के तीसरे दिन की समाप्ति पर उसकी झोली में कुल 62 पदक (14 स्वर्ण, 22 रजत व 26 कांस्य) गिरे हैं। इनमें आज के पांच स्वर्ण, 11 रजत व 11 कांस्य सहित कुल 27 पदक शामिल हैं। कुल मिलाकर पदक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर है।

चीन ने पूरा किया स्वर्ण पदकों का सैकड़ा

इस बीच चीन ने स्वर्ण पदकों का सैकड़ा और कुल पदकों का दोहरा शतक पूरा कर लिया है। वह कुल 226 पदकों (107+62+57) के साथ अन्य देशों से काफी आगे बना हुआ है। मेजबान जापान 100 पदक (29+36+35) लेकर दूसरे स्थान पर जा पहुंचा है जबकि उज्बेकिस्तान (29+30+30=89) व कोरिया गणराज्य (15+14+17=46) क्रमशः तीसरे व चौथे स्थान पर हैं। उज्बेकिस्तान से ज्यादा पदक जीतने के बाजवद  भारत एक स्वर्ण की कमी के चलते पांचवें स्थान पर है।

शीतल व पायल की जोड़ी फाइनल में चीनी टीम से हारी

महिला युगल कपाउंड तीरंदाजी की बात करें तो जन्म से ही बिना हाथों वाली शीतल एवं हाथ व पांव से दिव्यांग पायल की जोड़ी स्वर्ण पदक के मुकाबले में चीन की जू जुएकिंग व झाओ जिंग से 141-150 से हार गईं। शीतल ने इस स्पर्धा में लगातार दूसरा रजत पदक जीता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने सरिता देवी के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। व्यक्तिगत स्पर्धा में भी वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बसे लॉइधर गांव की रहने वालीं शीतल फोकोमेलिया नामक एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति के कारण भुजाहीन पैदा हुई थीं। वहीं आठ वर्ष की उम्र में पायल 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गई जिससे उनके हाथ और पांवों को काटना पड़ा था।

स्वाति-आदिल को मिश्रित टीम डब्ल्यू1 रिकर्व में कांस्य

वहीं स्वाति चौधरी और आदिल मुहम्मद नजीर अंसारी ने मिश्रित टीम डब्ल्यू1 रिकर्व में कांस्य पदक जीता। दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी कोरिया की किम ओक गियुम और पार्क होंग जो से 2-6 से हार गई। ड्रॉ में तीन ही टीमें होने के कारण कांस्य पदक का मुकाबला नहीं खेला गया। कोरिया ने चीन को शूटआफ में 5-4 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

इस बीच तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष युगल जोड़ी कांस्य पदक से चूक गई। उन्हें चीन के ऐ शिनलियांग और झांग यिचेंग से 153-154 से हार का सामना करना पड़ा।

तैराक रवि को 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 वर्ग में रजत

उधर तरणताल में रवि बुदिगिना ने पुरुषों के 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 वर्ग में रजत पदक जीता। रवि ने एक मिनट 10.10 सेकेंड का समय निकालकर चार तैराकों में दूसरा स्थान हासिल किया। उज्बेकिस्तान के इगोर बोलोतोव ने 58.43 सेकेंड के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीनी ताइपे के फेंग युआन येह ने एक मिनट 12.05 सेकेंड से कांस्य पदक हासिल किया।

रवि ने 100 मीटर एस13 फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भी जीता था रजत

एस 13 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है, जिनकी दृष्टि संबंधी अक्षमता पात्र प्रतिभागियों में सबसे कम गंभीर है। रवि ने सोमवार को पुरुषों की 100 मीटर एस13 फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। आंध्र प्रदेश के रहने वाले 18 वर्ष के रवि दुबई में 2025 एशियाई युवा पैरा खेलों में तीन स्वर्ण और तीन रजत जीत चुके हैं।

हिमांशु नंदल ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 में भी जीता कांस्य

इससे पहले हिमांशु नंदल ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता। हरियाणा के रोहतक के इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने एक मिनट 20.72 सेकेंड का समय निकाला। ऑप्टिक नर्व में खराबी के कारण वह जन्म से ही पूरी तरह दृष्टिबाधित हैं। चीन के यांग बोझुन ने एक मिनट 12.69 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि जापान के केइची किमुरा ने एक मिनट 12.72 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।

हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में भी चार तैराकों के बीच पांच मिनट 10.91 सेकेंड का समय निकालकर तीसरे स्थान पर रहते हुए अपना पहला पदक जीता था। पैरा तैराकी में एस11 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। इसमें बेहद कम दृष्टि वाले या प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं कर पाने वाले खिलाड़ी शामिल हैं।

रोहित 100 मीटर ब्रीस्टस्ट्रोक एसबी4 वर्ग में तीसरे स्थान रहे

वहीं पुरुषों की 100 मीटर ब्रीस्टस्ट्रोक एसबी4 वर्ग में रोहित कुमार ने एक मिनट 57.25 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। मलेशिया के मुहम्मद जुल्काफली बिन ने स्वर्ण और कजाखस्तान के अली तुरगानबेकोव ने रजत पदक जीता। एसबी4 श्रेणी उन ब्रीस्टस्ट्रोक तैराकों के लिए है जिन्हें शारीरिक अक्षमताएं हैं। इसमें कम कद के साथ अन्य अक्षमताओं का होना, या पूरे शरीर में समन्वय संबंधी दिक्कतें शामिल है।

बैडमिंटन : कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ को रजत

उधर पैरा बैडमिंटन में कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ ने पुरुष युगल एसएच6 स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि एसएल4 वर्ग में गत चैम्पियन सुहास एल वाई, नवीन सिवाकुमार और अभिजीत सखुजा सेमीफाइनल में पहुंच गए। कृष्णा और सिवाराजन तीन मैचों में एक जीत और दो हार के बाद दूसरे स्थान पर रहे। सिर्फ चार टीमें होने के कारण ग्रुप में स्थिति के आधार पर पदक तय किए गए।

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