नशा मुक्ति केंद्रों में युवाओं को आतंकी बनने के लिए उकसाता था अमृतपाल, मानव बम बनाने के लिए दे रहा था ट्रेनिंग

नई दिल्ली, 20 मार्च। खालिस्तान समर्थक कट्टर उपदेशक अमृतपाल सिंह के चाचा और चालक ने जालंधर में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि सिंह की तलाश अब भी जारी है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह और चालक हरप्रीत सिंह ने रविवार देर रात जालंधर के मेहतपुर इलाके में एक गुरुद्वारे के पास आत्मसमर्पण कर दिया।

वहीं इस बीच खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल सिंह को लेकर जांच एजेंसी ने बड़ा खुलासा करते हुए रिपोर्ट में कहाहै कि अमृतपाल मानव बम तैयार कर रहा था। रिहैब सेंटर में वह युवाओं को आत्मघाती हमले के लिए तैयार करता था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खालिस्तानी नेता नशा मुक्ति केंद्रों और गुरुद्वारे का इस्तेमाल हथियार रखने और मानव बम बनाने के लिए तैयार करता था।

तना ही नहीं अमृतपाल के बारे में कहा गया है कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कहने पर दुबई से भारत लौटा था। यहां आकर वह खालिस्तान का कट्टर समर्थक बन गया। उधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बताया कि सिंह की तलाश अब भी जारी है। राज्य पुलिस अब तक अमृतपाल के 112 समर्थकों को गिरफ्तार कर चुकी है।

अमृतपाल की तलाश में रविवार को पुलिस ने ‘फ्लैग मार्च’ किया और पूरे राज्य में तलाशी अभियान चलाया। पंजाब सरकार ने अमृतपाल और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस संगठन के 78 सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। जालंधर जिले में सिंह के काफिले को रोके जाने के बाद वह वहां से भाग निकला था।

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