वाराणसी : LPG संकट के बीच अन्नक्षेत्र में बंद हुई मां अन्नपूर्णा की निःशुल्क रसोई, 26 वर्षों में पहली बार लगा ताला
वाराणसी, 14 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल व गैस संकट का असर स्कूलों व अस्पतालों के साथ मठ-मंदिरों पर भी दिखने लगा है। इस क्रम में धार्मिक नगरी वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से सटे काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट में श्रद्धालुओं के लिए संचालित निःशुल्क रसोई भी बंद हो गई है।
वैकल्पिक व्यवस्था होते ही भक्तों को प्रसाद मिलेगा : महंत शंकर पुरी
दरअसल, मां अन्नपूर्णा मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, लेकिन गैस सिलेंडर की कमी के कारण रसोई चलाने में कठिनाई हो रही है। मंदिर की एक शाखा में तो भोजन वितरण भी बंद कर दिया गया है और हजारों भक्त मायूस होकर लौट रहे हैं। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने शनिवार को बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था देखी जा रही है और जल्द ही भक्तों को प्रसाद मिलेगा।
25 से 30,000 लोगों को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन कराया जाता है
महंत शंकर पुरी ने बताया कि अन्नपूर्णा मंदिर की तरफ से दो अलग-अलग जगहों पर अन्न क्षेत्र चलाए जाते हैं, जिसमें 25 से 30,000 लोगों को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन कराया जाता है। सुबह से शाम तक ये यूनिट निरंतर चलती हैं। दो में से एक यूनिट आज बंद हो चुकी है और दूसरी यूनिट भी सिलेंडर की कमी की वजह से जल्द ही बंद हो जाएगी।
उन्होंने बताया, ‘पहले तो सिलेंडर एक दो मिल भी जा रहे थे, लेकिन बीते तीन दिनों से एक भी सिलेंडर हमें नहीं मिला है, जिसकी वजह से हमें एक यूनिट बंद करनी पड़ी है और दूसरी भी बंद होने के कगार पर है। यह स्थान गरीबों और जरूरतमंदों के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। माता अन्नपूर्णा काशी में अन्न देती हैं और उनकी ही रसोई काशी में गैस की कमी के कारण बंद हो गई है।’
दिवंगत महंत त्रिभुवन पुरी ने 1997 में पूड़ी-सब्जी की शुरुआत मंदिर प्रांगण से की थी
उल्लेखनीय है कि अन्नपूर्णा मंदर के पूर्व महंत दिवंगत त्रिभुवन पुरी ने 1997 में पूड़ी-सब्जी की शुरुआत मंदिर प्रांगण से की थी। वर्ष 2003 में कालिका गली में बने भवन सुचारू रूप से बैठाकर भोजन प्रसाद खिलाने की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए तत्कालीन महंत रामेश्वर पुरी ने वर्ष 2014 में बांसफाटक स्थित गली में दूसरी शाखा की शुरुआत कराई थी।
देशभर से श्रद्धालु दान में काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र के नाम से चेक या डीडी भेजते हैं
दान के लिए ऑनलाइन, ऑफलाइन की व्यवस्था है। देशभर से श्रद्धालु काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र के नाम से चेक या डीडी भेजते हैं। बीते कुछ महीने पहले अंबानी परिवार ने एक करोड़ का चेक दान में दिया था। सभी डोनेशन 80 G के तहत लिया जाता है। दक्षिण भारत के बहुत बड़े-बड़े दानदाता हैं, जो यहां दान करते हैं, जिनका हर वर्ष एक निर्धारित समय में दान आता है।
