स्वच्छ भारत मिशन–अर्बन 2.0 : तिरुवनंतपुरम में नहरों की सफाई के लिए AI संचालित जी-स्पाइडर रोबोट तैनात
तिरुवनंतपुरम, 6 मार्च। केरल में स्वच्छ भारत मिशन–अर्बन 2.0 के तहत तिरुवनंतपुरम नगर निगम ने शहरी स्वच्छता में बड़ा कदम उठाते हुए AI-संचालित जी-स्पाइडर रोबोट को नहरों की सफाई के लिए तैनात किया है। यह रोबोट बिना मानव हस्तक्षेप के खतरनाक और कठिन इलाकों में सुरक्षित तरीके से कचरा हटाने में सक्षम है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने बताया कि तिरुवनंतपुरम रेलवे स्टेशन के पास अमायिझंचन नहर का हिस्सा लंबे समय से सफाई के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। यहां ऊंचाई कम होने, लगातार पानी बहने और सुरक्षित प्रवेश बिंदु न होने के कारण पारंपरिक तरीकों से सफाई करना बेहद कठिन था। इन चुनौतियों से निबटने के लिए स्थानीय स्वशासन मंत्री एमबी राजेश ने जी-स्पाइडर रोबोट का उद्घाटन किया। यह पहल नगर निगम और टेक्नोपार्क स्थित जेनरोबोटिक इनोवेशंस के सहयोग से हुई है, जो पहले ‘बैंडिकूट’ नामक रोबोटिक स्कैवेंजर विकसित कर चुके हैं।
मिश्रित व अनियमित मलबा सीधे कलेक्शन वाहनों में डाल देता है रोबोट
अधिकारियों ने बताया कि इस रोबोट के इस्तेमाल से सफाईकर्मियों को खतरनाक और अस्वच्छ वातावरण में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एआई-सक्षम विजन और सेंसर तकनीक से लैस यह रोबोट नहर में जमा विभिन्न प्रकार के कचरे को पहचान कर सुरक्षित तरीके से हटाता है। इसमें बायोमिमेटिक क्लॉ ग्रैबर लगा है जो मिश्रित और अनियमित मलबे को पकड़ कर सीधे कलेक्शन वाहनों में डाल देता है।
उच्च जलस्तर और लगातार बहाव की स्थिति में भी काम करने में सक्षम
जी-स्पाइडर रोबोट उच्च जलस्तर और लगातार बहाव की स्थिति में भी काम करने में सक्षम है। यह प्लास्टिक, धारदार वस्तुओं और अन्य हानिकारक कचरे को सुरक्षित तरीके से निकाल कर नहरों की सफाई सुनिश्चित करता है। नियमित और व्यवस्थित सफाई से यह शहरी जल निकासी को भी मजबूत करेगा और बाढ़ जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करेगा।
अधिकारियों ने इसे शहरी स्वच्छता में तकनीक आधारित क्रांतिकारी कदम बताया है, जो न केवल कार्यकुशलता बढ़ाता है बल्कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। यह मॉडल राज्य के अन्य जोखिमपूर्ण नहरों और ड्रेनेज नेटवर्क में भी अपनाया जा सकता है।
