एशियाई पैरों खेलों का समापन आज : मोना अग्रवाल व निषाद कुमार होंगे भारतीय दल के ध्वजवाहक

नागोया, 23 अक्टूबर। महिला शूटर निशानेबाज मोना अग्रवाल और एथलीट निषाद कुमार शनिवार को यहां पांचवें एशियाई पैरा खेलों (Aichi-Nagoya 2026 Asian Para Games) के समापन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। इन दोनों खिलाड़ियों ने आइची-नागोया 2026 पैरा खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो-दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

मोना ने जहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 और 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 इवेंट में स्वर्ण पदक जीते वहीं निषाद कुमार ने ऊंची कूद और लंबी कूद में देश को दो स्वर्ण पदक दिलाए। उल्लेखनीय है कि खेलों के उद्घाटन समारोह में बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा भारतीय दल के ध्वजवाहक रहे थे।

भारतीय दल ने रचा इतिहास, 114 पदकों के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

इन खेलों में भारतीय दल के प्रदर्शन की बात करें तो हमारे खिलाड़ियों ने इतिहास रचते हुए अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 114 पदक जीते, जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल रहे। इस क्रम में भारतीय दल ने हांगझू 2023 एशियाई पैरा खेलों का अपना रिकॉर्ड तोड़ा, जब 29 स्वर्ण, 31 रजत व 51 कांस्य सहित कुल 111 पदक झोली में गिरे थे। दिलचस्प तथ्य तो यह है कि भारत ने इस बार 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था, जो 2023 में हांगझू में हुए पिछले चरण में हिस्सा लेने वाले दल की संख्या से लगभग आधा था।

पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर

पांचवें दिन की स्पर्धाओं की समाप्ति पर भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर है। हालांकि शनिवार को कुछ स्पर्धाओं के फाइनल होने के कारण उसकी स्थिति बदल सकती है क्योंकि उन स्पर्धाओं में भारत के किसी भी खिलाड़ी की उपस्थिति नहीं है।

चीन ने पूरा किया स्वर्ण पदकों का दोहरा सैकड़ा

इस बीच शीर्षस्थ चीन ने स्वर्ण पदकों का दोहरा सैकड़ा व कुल पदकों का चौथा शतक पूरा कर लिया है। उसके खाते में अब 204 स्वर्ण, 115 रजत व 108 कांस्य सहित कुल 427 पदक गिर चुके हैं। दूसरे स्थान पर काबिज जापान ने 185 पदक (63+60+62) बटोरे हैं जबकि उज्बेकिस्तान (45+49+51=145) तीसरे स्थान पर है।

22 स्वर्ण सहित रिकॉर्ड 65 पदकों के साथ एथलेटिक्स अभियान संपन्न

कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत के इस रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन में 62 सदस्यीय पैरा एथलेटिक्स दल का प्रमुख योगदान रहा, जिन्होंने देश के कुल 30 स्वर्ण पदकों में खुद 22 स्वर्ण जीते। उन्होंने 19 रजत और 24 कांस्य सहित रिकॉर्ड 65 पदकों के खेलों के मौजूदा संस्करण में अपने अभियान का भव्य समापन किया। हांगझू 2023 की तुलना में एथलेटिक्स दल ने 12 पदक अधिक हासिल किए। वहां भारतीय एथलीटों ने 16 स्वर्ण, 17 रजत और 20 कांस्य सहित कुल 53 पदक जीते थे।

भारतीय खिलाड़ियों ने शुक्रवार को जीते 9 स्वर्ण, एक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

दिलचस्प तो यह रहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने शुक्रवार को कुल नौ स्वर्ण जीते। यह खेलों के मौजूदा संस्करण के किसी एक दिन में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। नौ स्वर्ण के अलावा आज भारतीय झोली में नौ रजत व आठ कांस्य सहित  26 पदक गिरे।

एथलेटिक्स में 2 विश्व रिकॉर्ड के साथ 4 स्वर्ण मिले

देश को आज मिले स्वर्ण पदकों पर गौर करें तो एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा चार स्वर्ण पदक हाथ लगे। इनमें दो बार के पैरालम्पिक चैम्पियन व पैरा विश्व विजेता भाला प्रक्षेपक सुमित अंतिल (एफ42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा), प्रणव सूरमा (पुरुष क्लब थ्रो एफ51), संदीप (पुरुष 400 मीटर टी64) और हानी (पुरुष भाला फेंक एफ37/38) ने बाजी मारी। इनमें संदीप और हानी ने तो अपनी स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड भी तोड़े।

पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अंतिम दिन जीते 3 स्वर्ण

बैडमिंटन स्पर्धाओं के अंतिम दिन पेरिस पैरालम्पिक चैम्पियन नितेश कुमार व नवीन शिवकुमार ने जहां क्रमशः पुरुष एकल एसएल3 और एसएल4 में बाजी मारी वहीं तुलसीमति मुरूगेसन व मानसी जोशी की महिला युगल जोड़ी ने एसएल3/एसयू5 में पीला तमगा जीता। इस प्रकार पैरा शटलरों ने तीन स्वर्ण, पांच रजत व आठ कांस्य सहित 16 पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया।

शूटर मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा स्वर्ण

उधर शूटिंग रेंज में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में विश्व कीर्तिमान तोड़ने के साथ मौजूदा संस्करण में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।

उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में भी स्वर्ण जीता था। इसके साथ ही पैरा निशानेबाजों ने दो स्वर्ण, दो रजत व एक कांस्य सहित 5 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया।

तीरंदाज हरविंदर-विजय की जोड़ी के नाम रिकर्व युगल स्पर्धा का स्वर्ण

पैरालम्पिक चैम्पियन तीरंदाज हरविंदर सिंह और उनके साथ पहली बार इन खेलों में हिस्सा ले रहे विजय सुंडी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की रिकर्व युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, भारतीय महिला युगल टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

हरविंदर व विजय ने फाइनल में चीन के युन डुओ व झाओ लिशुए को 5-1 से हराया। वहीं, महिला युगल फाइनल में भावना चौधरी और पूजा जटिया की जोड़ी महिला पैरा रिकर्व युगल फाइनल में चीन की गाओ जिहान और वांग शूकियान से 0-6 से हार गई और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

शीतल देवी की अगुआई में पैरा तीरंदाजों ने 3 स्वर्ण सहित 6 पदक जीते

इस प्रकार भारतीय पैरा तीरंदाजों ने तीन स्वर्ण व तीन रजत सहित छह पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया। हरविंदर-विजय की जोड़ी के अलावा भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने गुरवार को कंपाउंड स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिश्रित वर्ग में बाजी मारने के दो घंटे बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीत लिया था।

भारतीय तैराकी दल का भी शानदार प्रदर्शन, 3 रजत सहित 11 पदक जीते

भारतीय तैराकी दल ने भी उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए इन खेलों में कुल 11 पदक जीते, जिनमें तीन रजत पदक शामिल हैं। आखिरी दिन हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में कांस्य पदकों की हैट्रिक पूरी की।

हिमांशु नंदल ने पूरी की कांस्य पदकों की हैट्रिक

‘ऑप्टिक नर्व’ (दृष्टि तंत्रिका) में खराबी के कारण जन्म से दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा को एक मिनट 5.90 सेकंड में पूरी कर कांस्य पदक की हैट्रिक भी पूरी की। हिमांशु इससे पहले पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं।

इन खेलों में तीन पदक जीतने के साथ ही वह हमवतन रवि बुडिगिना की बराबरी पर पहुंच गए, जिन्होंने दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते। एस11 वर्ग में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें वे खिलाड़ी शामिल हैं जिनकी दृष्टि क्षमता बेहद कम है या जिन्हें प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं होता।

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