Stock Market: सेंसेक्स 366 अंक टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे खुला; कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता

मुंबई, 22 अक्टूबर। एशियाई बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी की आशंकाओं के बीच घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 366 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,700 के स्तर से नीचे खुला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 366.36 अंक यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 73,343.33 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 123.60 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.75 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 73,005.11 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 22,554.85 का दिन का निचला स्तर छुआ। व्यापक बाजार में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप में 1.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

ऑटो, मेटल और हेल्थकेयर शेयरों पर दबाव

सेक्टरवार कारोबार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। शुरुआती कारोबार में ऑटो, मेटल और हेल्थकेयर शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दिया। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी हेल्थकेयर में 0.98 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी फार्मा 0.78 प्रतिशत कमजोर रहा। इसके अलावा एफएमसीजी, रियल्टी, सीमेंट और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों के महंगे वैल्यूएशन पर चिंता

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की तुलना में लार्ज-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक बाजार में कई कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है। उनके अनुसार, हाल के महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी को कंपनियों की कमाई के बजाय बाजार में उपलब्ध तरलता से अधिक समर्थन मिला। इसके चलते कई शेयर महंगे स्तर पर पहुंच गए, जबकि कुछ लार्ज-कैप शेयर अपेक्षाकृत आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह असंतुलन धीरे-धीरे दूर हो सकता है। ऐसे में उचित वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर निवेश का रुख बढ़ना एक संभावित रणनीति हो सकती है। हालांकि, इसके नतीजे आने में समय लग सकता है और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

निफ्टी के लिए 22,590 का स्तर अहम

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी में हालिया गिरावट और 22,700 के स्तर से नीचे खुलने के बाद बाजार में आगे करेक्शन की आशंका बढ़ी है। विश्लेषकों ने निफ्टी के लिए 22,590 को महत्वपूर्ण सपोर्ट बताया है। यदि सूचकांक इस स्तर को बनाए रखता है तो रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है। वहीं, मजबूत तेजी के संकेत के लिए निफ्टी का 22,840 के ऊपर लौटना जरूरी माना जा रहा है।

एफआईआई और डीआईआई ने की खरीदारी

बाजार में गिरावट के बावजूद बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) और घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) शुद्ध खरीदार रहे।

एफआईआई: लगभग 1,022 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी।

डीआईआई: लगभग 1,614 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी।

हालांकि, संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद बाजार पर वैश्विक संकेतों और ऊंचे वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताओं का असर दिखाई दिया।

एशियाई बाजारों में भी गिरावट, ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के करीब

एशियाई बाजारों में गुरुवार को दबाव रहा। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत तक गिर गए। इसके विपरीत, अमेरिकी बाजारों में बुधवार को तेजी दर्ज की गई थी। प्रौद्योगिकी शेयरों में बढ़त के चलते नैस्डैक करीब 1 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त रही। एआई से जुड़ी कंपनियों के बेहतर नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इस बीच, ब्रेंट क्रूड वायदा कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और यह करीब 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। कच्चे तेल की महंगाई से जुड़ी चिंताएं बढ़ने के कारण भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर दबाव बना हुआ है।

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