नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को अगले तीन वर्षों में भारत को नशा-मुक्त बनाने की घोषणा की। उन्होंने साथ ही 2026 के बाकी समय और अगले तीन वर्षों में नशीले पदार्थों के खिलाफ एकजुटता के साथ इसे खत्म करने की अपील की।
Police personnel bulwark our nation’s growth and ensure that our young generation gets a better India and a brighter tomorrow.
Their Himalayan resolve erased Naxalism, crushed terrorism in Jammu and Kashmir, and liberated the Northeast from the clutches of insurgency. Today, they are poised to dismantle narcotics cartels, pursuing Modi Ji’s vision of a drug-free India.
Laid a wreath at the National Police Memorial in New Delhi on the occasion of Police Commemoration Day.
— Amit Shah (@AmitShah) October 21, 2026
अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में नेशनल पुलिस मेमोरियल पर पुलिस स्मृति दिवस पर यह घोषणा करते हुए कहा, ‘ड्रग्स की समस्या पूरे देश के लिए एक गंभीर चुनौती है। हमने 31 दिसम्बर, 2029 तक भारत से ड्रग्स की समस्या को खत्म करने का लक्ष्य रखा है।’
देशभर की पुलिस फोर्स से ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदारी की अपील
शाह ने देशभर की पुलिस फोर्स से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तय किए गए टारगेट के मुताबिक, ड्रग्स-फ्री भारत के रोडमैप पर पूरे कमिटमेंट के साथ काम करें और आने वाली पीढ़ियों को ड्रग्स के नुकसानदायक असर से बचाएं।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स का खतरा एक गंभीर चुनौती है क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों को नुकसान पहुंचाता है। अर्थव्यवस्था पर बेवजह बोझ डालता है और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को फाइनेंशियल मदद देता है। इस लक्ष्य को बहुत जरूरी बताते हुए, गृह मंत्री ने देशभर के पुलिस बलों से कहा कि वे इस कैंपेन में पूरी लगन से शामिल हों और 2029 के आखिर तक भारत को ड्रग्स-फ्री बनाने का लक्ष्य पाने के लिए काम करें।
देश के नागरिक शहीदों और उनके परिवारों की कुर्बानी के लिए शुक्रगुजार हैं
अमित शाह ने देश की तरफ से शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी और उनके परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक कुल 36,852 पुलिसवालों ने ड्यूटी करते हुए अपनी जान दी। इसमें इस वर्ष 154 लोगों ने सबसे बड़ा बलिदान दिया। यह मानते हुए कि परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती, गृह मंत्री ने कहा कि देश के नागरिक शहीदों और उनके परिवारों की कुर्बानी के लिए शुक्रगुजार हैं।
हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है
21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों के हमले में 10 बहादुर पुलिसवालों ने अपनी जान दे दी थी। तब से हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। पुलिस कर्मियों द्वारा दिए गए बलिदान और राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता को बनाए रखने में उनकी सर्वोच्च भूमिका के सम्मान में प्रधानमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस 2018 पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (NPM) राष्ट्र को समर्पित किया।
स्मारक पुलिस बलों को राष्ट्रीय पहचान, गौरव, उद्देश्य की एकता, साझा इतिहास और भाग्य की भावना देता है। साथ ही अपने जीवन की कीमत पर भी राष्ट्र की रक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। स्मारक में एक केंद्रीय मूर्तिकला, ‘वीरता की दीवार’ और एक संग्रहालय शामिल हैं. केंद्रीय मूर्तिकला 30 फुट ऊंचा काले ग्रेनाइट का एक अखंड शिलाखंड पुलिस कर्मियों की शक्ति, लचीलापन और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।
Our police forces wage battle against drugs to end narcotics cartels by 31 December 2029, while creating awareness among the youth about this scourge.
Today, on the occasion of Police Commemoration Day, flagged off the Fight Against Drugs motorcycle rally. Comprising riders from different parts of India and personnel from the CRPF, CISF, BSF, SSB, ITBP, NSG, RPF, NDRF and NIA, the rally will spread the message against drugs and converge at Kevadia, Gujarat, to participate in Ekta Parade 2026.
— Amit Shah (@AmitShah) October 21, 2026
लगभग 90 पुलिस सवारों की एक मोटरसाइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाई
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले शाह ने नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) के लगभग 90 पुलिस सवारों की एक मोटरसाइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाई। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और कुछ सेंट्रल पुलिस ऑर्गनाइजेशन से सुरक्षाकर्मा शामिल हुए।
यह बाइक रैली ‘ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई’ थीम वाली देशभर में होने वाली रैली का हिस्सा है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस राइडर और सेंट्रल फोर्स 31 अक्टूबर, 2026 को एकता परेड में शामिल होने के लिए एकता नगर, गुजरात पहुंचेंगे।


