नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर ‘अघोषित आपातकाल’ थोपने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष के नेता सोमवार शाम भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मिलेंगे। विपक्षी नेता राजधानी में एक दिन पहले युवाओं के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन पर की गई काररवाई को लेकर अपनी चिंताएं सीजेआई के सामने रखेंगे।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने पूरे देश में अफरातफरी मचा दी है
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने पूरे देश में अफरातफरी मचा दी है। देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं और हम इसके खिलाफ लड़ते रहेंगे।’ दरअसल, खरगे ने जिस विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया, वह शनिवार को दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले हुआ था, जिसमें वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी।
We will continue our fight. Tomorrow, we are also going to meet the Chief Justice of India. I have written a letter, and Shri @RahulGandhi has also written a letter.
We have scheduled a meeting between 4 and 5 PM, during which we will apprise him of the situation. We cannot demand anything from him, but we will place our concerns before him with folded hands and request his intervention.
The Prime Minister and the Home Minister have created chaos across the country. An undeclared Emergency is prevailing, and we will continue to fight against it.
Yesterday, nearly 32,000 police personnel and 7,500 CRPF personnel were deployed. This itself shows how much fear the government has of the youth agitation.
As I have already stated, roads were blocked, communication channels were disrupted, access to the airport was restricted, and mobile networks were shut down. All this demonstrates that the government does not want democracy to function peacefully in India.
We will continue our fight to protect democracy and the constitutional rights of the people.
📍Bengaluru, Karnataka
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 11, 2026
प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया था
हालांकि प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया था। मसलन, सड़क परिवहन, रेल सेवाएं व मेट्रो सहित यातायात से जुड़े कमोबेश सभी साधन लगभग ठप थे। मध्य दिल्ली को सील कर दिया गया था। कई जगहों पर मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया और सड़कों पर हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात थे।
वहीं प्रदर्शन के मद्देजनर ढाई से तीन हजार लोगों को हिरासत में ले लिया गया था। इनमें सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी के दो अन्य नेता, सौरव दास व आशुतोष रांका भी शामिल थे, जिन्हें दिल्ली में उनके विमान के उतरते ही हिरासत में ले लिया गया।
4 पूर्व सीएम सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया
इसी क्रम में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार को हिरासत में लिया गया। इनके साथ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) के महासचिव एम.ए. बेबी और CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को भी हिरासत में लिया गया था, जिन्हें देर शाम रिहा कर दिया गया।
लगभग 32,000 पुलिसकर्मी और 7,500 CRPF जवान तैनात किए गए थे
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सुरक्षा बलों की तैनाती का पैमाना ही सब कुछ बयां करता है। उन्होंने कहा, ‘कल लगभग 32,000 पुलिसकर्मी और 7,500 CRPF जवान तैनात किए गए थे। इससे पता चलता है कि सरकार को युवाओं के आंदोलन से कितना डर है।’ इन सभी आंकड़ों को मिलाकर देखें तो एक ही दिन में कुल 39,500 लोग शामिल थे। लगभग 2,500 लोगों को हिरासत में लिए जाने का मतलब है कि तैनात किए गए हर 16 लोगों में से लगभग एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
सरकार नहीं चाहती कि भारत में लोकतंत्र शांतिपूर्ण ढंग से काम करे
कांग्रेस अध्यक्ष ने शहर में आम जिंदगी पर लगाई गई पाबंदियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने पहले ही कहा है, सड़कें बंद कर दी गई थीं, संचार के साधन बाधित किए गए थे, हवाई अड्डे तक पहुंच सीमित कर दी गई थी और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिए गए थे। यह सब दिखाता है कि सरकार नहीं चाहती कि भारत में लोकतंत्र शांतिपूर्ण ढंग से काम करे।’
एक वर्ष तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर दिपके सहित 3 CJP नेता रिहा
इस बीच रविवार को एक एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दिपके और सीजेपी के दो अन्य नेताओं को इस शर्त पर रिहा कर दिया कि वे एक वर्ष तक शांति भंग नहीं करेंगे। पार्टी ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया था, लेकिन शहर में भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों की उपस्थिति कम रही।
खरगे व राहुल ने CJI को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा
इसी क्रम में खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CJI को पत्र लिखा है और विपक्ष ने सोमवार को शाम चार बजे से पांच बजे के बीच उनसे मुलाकात का समय मांगा है। उन्होंने कहा, ‘हम उनसे कुछ मांग नहीं सकते, लेकिन हम हाथ जोड़कर अपनी चिंताएं उनके सामने रखेंगे और उनसे दखल देने का अनुरोध करेंगे।’
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद गुंडागर्दी पर उतर आई – राहुल गांधी
वहीं राहुल गांधी ने कहा, ‘अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद गुंडागर्दी पर उतर आई है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं को महिलाओं और युवाओं पर हमला करने के लिए उकसाया जा रहा है। लेकिन दबाने की हर कोशिश के साथ Gen Z और छात्रों में गुस्सा बढ़ेगा।
इंडी गठबंधन व देश के युवा सोमवार को फिर सड़कों पर उतरेंगे
राहुल ने शाह को चुनौती दी कि वे सड़कों पर 10,000, 20,000 या 40,000 पुलिसकर्मी उतारें – यह संख्या उतनी ही है, जितनी खरगे ने शनिवार के लिए बताई थी। उन्होंने कहा, ‘हम डरने वाले नहीं हैं। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!’ उन्होंने यह भी घोषणा की कि कांग्रेस, पूरा विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. और देश के युवा सोमवार को फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
उन्होंने कहा कि सीजेआई के साथ बैठक से एक सीधा संदेश जाएगा। उन्होंने कहा, ‘सोमवार को हम चीफ जस्टिस से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा हो और लोकतंत्र को कुचला जा रहा हो, तो कानून के रखवाले आंखें मूंदकर नहीं बैठ सकते।’


