अयोध्या, 22 सितम्बर। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उठे तूफान के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब वैसी घटना की पुनरावृत्ति से बचने के लिए संस्था में कर्मचारियों को लेकर नई नियमावली बना रहा है। इसके तहत कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड भी तय किया गया है। जल्द ही सभी स्टाफ गेरुआ या पीले रंग की पोशाक में नजर आएंगे। खास बात यह है कि उनकी पोशाक में किसी तरह की जेब नहीं होगी।
नए सीईओ जितेंद्र मिश्र का औचक निरीक्षण, संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा
इस बीच ट्रस्ट के पहले सीईओ पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां दीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जितेंद्र मिश्र ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि परिसर के वास्तुशिल्प पहलुओं का मूल्यांकन शुरू हो गया है। मंगलवार को उन्होंने पर्यटक सुविधा केंद्र और यात्री सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
सीईओ CEO जितेंद्र मिश्र ने स्टाफ क्वार्टर का निरीक्षण किया और सुपरमार्केट कर्मचारियों की देखरेख की समीक्षा की। वहीं ट्रस्ट के नवनिर्वाचित सदस्य मदन मोहन पेंडे ने बताया कि अब CEO ही परिसर की देखरेख करेंगे। उन्होंने कहा कि सुविधा के इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत स्टाफ की सूची तैयार करने से होगी।
बिना जेब वाली पोशाक पहनेंगे श्रीराम मंदिर के कर्मचारी
कर्मचारियों को इलाके के हिसाब से संगठनात्मक ढांचे के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। यह व्यवस्था आस्था के मामलों में दखल नहीं देगी। मंदिर में संगठन के कर्मचारियों के लिए एक खास यूनिफॉर्म के बारे में फैसला किया गया है – बिना जेब वाली पोशाक। यूनिफॉर्म केसरिया या पीले रंग की होगी। हालांकि, इसमें कोई धार्मिक लोगो या काम से जुड़ी जानकारी नहीं होगी।


