मुंबई, 18 सितम्बर। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए नए मुख्य चयनकर्ता की खोज में जुट गया है। यह कदम पुरुष चयन समिति के मौजूदा चेयरमैन अजीत अगरकर के गुरुवार को मिले उस संदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने पर इस पद से हटने की इच्छा जताई है।
4 अक्टूबर को खत्म हो रहा अगरकर का कार्यकाल
बीसीसीआई के एक अधिकारी के अनुसार अगरकर ने अपनी बातचीत में फरवरी में बोर्ड के साथ हुई चर्चाओं का जिक्र किया है, जब उन्होंने पहली बार बड़े फैसले लेने वालों को आगाह किया था कि वे उनके मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने पर विकल्पों पर विचार करें।’ अगरकर का मौजूदा कार्यकाल चार अक्टूबर को खत्म हो रहा है।
सैकिया बोले – ‘अभी 15 दिनों का समय, हम सही समय पर लेंगे निर्णय’
इस बीच शुक्रवार को यहां हुई बीसीसीआई की AGM में पदाधिकारियों को चयन समिति से जुड़े मामले को आगे बढ़ाने के लिए अधिकृत किया गया। हालांकि बैठक के बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से अगरकर के भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास अब भी 15 दिन हैं, जो क्रिकेट की दुनिया में काफी लंबा समय होता है। हम सही समय पर निर्णय लेंगे।’
हालिया घटनाओं से बीसीसीआई व अगरकर के बीच तालमेल बिगड़ा
अंदरखाने चर्चा यह भी है कि जुलाई, 2023 में मुख्य चयनकर्ता का पद संभालने वाले अगरकर का कार्यकाल एक वर्ष और बढ़ाया जा सकता है। लेकिन हाल की घटनाओं ने शायद उनके जाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इनमें पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर अगरकर की अगुआई वाली सेलेक्शन कमेटी की आपत्तियों से बीसीसीआई का असहमत होना शामिल है। अगरकर हाल ही में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे।
3 वर्षों के कार्यकाल में अजीत ने टीम में बदलाव का अहम दौर संभाला
उल्लेखनीय है कि अपने तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान अगरकर ने टीम में बदलाव के एक अहम दौर को संभाला, जिसमें टेस्ट क्रिकेट से रोहित और विराट कोहली के हटने के बाद शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया। उनकी कमेटी ने सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को टी20I कप्तान बनाने का साहसिक फैसला भी लिया क्योंकि 2026 टी20 विश्व कप जीतने के बावजूद सूर्यकुमार के बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे।
पार्थिव सबसे आगे, प्रज्ञान ओझा भी दौड़ में शामिल
दरअसल, बोर्ड के अंदर कुछ लोगों की राय यह भी है कि अगरकर को 2027 विश्व कप तक बने रहना चाहिए। फिलहाल यदि अगले कुछ दिनों में बीसीसीआई और अगरकर के बीच सुलह नहीं होती तो उनकी जगह लेने के लिए सबसे आगे भारत के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल हैं।
मौजूदा सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा को भी दावेदार माना जा रहा है, बर्शते बीसीसीआई अगरकर की जगह वेस्ट जोन के कम टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी को लाने का फैसला करे। बीसीसीआई के संविधान के अनुसार, चयन समिति में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाला खिलाड़ी चेयरमैन बनता है। पटेल ने 25 टेस्ट खेले हैं जबकि ओझा ने 24 टेस्ट खेले हैं।


