मुंबई, 4 जुलाई। समुद्री मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने तटीय क्षेत्रों में व्यावसायिक और यंत्रीकृत मछली पकड़ने पर लगी पाबंदी 15 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी है। इस संबंध में महाराष्ट्र के मत्स्य मंत्री नितेश राणे ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से फोन पर बातचीत कर सहयोग का अनुरोध किया। मत्स्य मंत्री ने बताया कि गोवा सरकार से आग्रह किया गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान गोवा के मछुआरे महाराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश कर मछली पकड़ने न जाएं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
नितेश राणे ने X पर दी जानकारी
नितेश राणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री से टेलीफोन पर चर्चा की और महाराष्ट्र सरकार के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समुद्री संसाधनों के संरक्षण के लिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय जरूरी है। राणे ने सहयोग के लिए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का आभार भी व्यक्त किया।
12 समुद्री मील तक लागू रहेगी पाबंदी
राज्य सरकार के फैसले के अनुसार, महाराष्ट्र की तटरेखा से 12 समुद्री मील (करीब 24 किलोमीटर) तक व्यावसायिक और यंत्रीकृत नौकाओं से मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक रोक रहेगी। यह प्रतिबंध केंद्र सरकार द्वारा लागू वार्षिक समुद्री मछली पकड़ने पर रोक, जो 31 जुलाई को समाप्त हो चुकी थी, उससे आगे बढ़ाया गया है।
पारंपरिक मछुआरों को मिली राहत
सरकार ने इस प्रतिबंध से पारंपरिक मछुआरों को छूट दी है। छोटे, अधिकृत और बिना मोटर वाली नावों का उपयोग करने वाले मछुआरे तट के निकट स्थानीय समुद्री क्षेत्र में पहले की तरह मछली पकड़ सकेंगे।
गहरे समुद्र में 1 अगस्त से मिली अनुमति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त से यंत्रीकृत नावों को 12 समुद्री मील से आगे खुले समुद्र में मछली पकड़ने की अनुमति दी गई है। यानी प्रतिबंध केवल तटीय समुद्री क्षेत्र तक सीमित रहेगा।
समुद्री जीवों के संरक्षण के लिए लिया गया फैसला
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य समुद्री मछलियों और अन्य जीवों को प्रजनन के लिए पर्याप्त समय देना है, ताकि समुद्री जैव विविधता सुरक्षित रहे और भविष्य में मछलियों का भंडार बढ़े। इससे लंबे समय में मछुआरों की आय और मत्स्य उद्योग दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

