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प्रयागराज संगम पर अक्षय तृतीया पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

प्रयागराज संगम पर अक्षय तृतीया पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

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प्रयागराज, 19 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के खास मौके पर संगम तट पर भारी भीड़ देखने को मिली। रविवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और लोग पवित्र संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंचते रहे। पूरे इलाके में धार्मिक माहौल देखने को मिला और भक्तों ने स्नान के साथ-साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और आशीर्वाद की कामना की।

प्रयागराज संगम पर पहुंची श्रद्धालु प्रतिभा राय ने बताया कि आज अक्षय तृतीया का दिन है, इसलिए वे परिवार के साथ स्नान करने आई हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन संगम में स्नान और पूजा-पाठ करने का बहुत महत्व होता है और इससे जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर यहां आई हैं। वहीं श्रद्धालु अनीता यादव ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है।

उन्होंने कहा कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है। उन्होंने अपने परिवार और पूरे देश की खुशहाली की कामना की और कहा कि सबसे बड़ी बात यही है कि सभी लोग सुखी और सुरक्षित रहें। एक अन्य श्रद्धालु स्नेहा ने बताया कि उन्होंने आज अपने परिवार, आसपास के लोगों और पूरे देश के लिए सुख-शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद से स्वास्थ्य का महत्व और भी बढ़ गया है।

उनके अनुसार, स्वस्थ रहना ही सबसे बड़ी संपत्ति है, क्योंकि बिना स्वास्थ्य के जीवन की कोई भी खुशी पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिन दान-पुण्य करना और बड़ों का आशीर्वाद लेना बहुत ही शुभ माना जाता है। संगम पर मौजूद एक ब्राह्मण ने बताया कि आज अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती दोनों का विशेष महत्व है, इसलिए संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है।

उन्होंने कहा कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष फल मिलता है। जो लोग ब्राह्मणों को दान देते हैं, उनके जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने आगे कहा कि अक्षय तृतीया का मतलब ही है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। इसलिए लोगों को अच्छे कार्य करने चाहिए और गलत कामों से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस दिन का सबसे बड़ा संदेश यही है कि मनुष्य को अच्छे कर्म करने चाहिए, जिससे जीवन में सुख, शांति और सफलता बनी रहे।

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