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चुनावी रैली में बोले गृह मंत्री अमित शाह- असम से हर घुसपैठिए की पहचान कर हटाएंगे

चुनावी रैली में बोले गृह मंत्री अमित शाह- असम से हर घुसपैठिए की पहचान कर हटाएंगे

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गुवाहाटी, 29 मार्च। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि अब तक असम से घुसपैठियों को हटाने में सफलता नहीं मिली है। अगले पांच वर्षों में हम अपने राज्य से हर घुसपैठिए की पहचान करने और उसे हटाने का संकल्प लेते हैं।

राज्य को घुसपैठियों से मुक्ति के लिए भाजपा को वोट देने की अपील

सोनितपुर में एक चुनावी सभा में भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगते हुए अमित शाह ने जनता से कहा, ‘आपको ऐसे असम के लिए वोट देना चाहिए, जो घुसपैठियों से मुक्त हो। आपको एक शांतिपूर्ण और विकसित असम के लिए वोट देना चाहिए। आपको असम के युवाओं के लिए अवसरों और रोजगार के लिए वोट देना चाहिए।’

भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में असम को आतंकवाद से मुक्त किया

अमित शाह ने कहा, ‘एक तरफ भाजपा है, जिसने पिछले 10 वर्षों में असम को आतंकवाद से मुक्त किया है। इसके विपरीत, कांग्रेस के शासन के दौरान असम ने बम धमाके, गोलीबारी और कई युवाओं की दुखद मौतें देखीं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने असम में शांति स्थापित की है और 10,000 युवाओं को हथियार छोड़ने और एक बेहतर भविष्य अपनाने में मदद की है।’

घुसपैठिए हमारे युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे

जनसभा में अमित शाह ने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा, ‘हम अभी तक असम से घुसपैठियों को हटाने में सफल नहीं हुए हैं। हालांकि, पिछले दस वर्षों में हम और घुसपैठ रोकने में कामयाब रहे हैं। लेकिन सिर्फ घुसपैठ रोकना ही काफी नहीं है। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जो लोग अवैध रूप से घुसे हैं, उन्हें भी असम से हटाया जाए। ये घुसपैठिए हमारे युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं और उन संसाधनों का उपभोग कर रहे हैं जो सही मायने में असम के लोगों के हैं।’

उन्होंने कहा कि असम की जमीन पर घुसपैठियों का कोई वैध दावा नहीं है। जनता से समर्थन मांगते हुए उन्होंने कहा कि अगले 5 वर्षों में हम अपने राज्य से हर घुसपैठिए की पहचान करने और उसे हटाने का संकल्प लेते हैं।

एसआईआर के विरोध पर कांग्रेस पर भी बोला हमला

अमित शाह ने इस दौरान कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘एसआईआर पूरे देश में लागू किया जा रहा है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रहे हैं। अगर गौरव गोगोई आते हैं तो उनसे जरूर पूछा जाना चाहिए कि वे उनके खिलाफ क्यों हैं। मतदाता सूचियों से घुसपैठियों के नाम हटाना जरूरी है। हालांकि, गौरव गोगोई असमिया वोट हासिल करने के लिए इन लोगों को बचाना चाहते हैं। गौरव, क्या तुम घुसपैठियों के साथ खड़े हो, या उनके खिलाफ?’

गोपीनाथ बोरदोलोई व भूपेन हजारिको भी याद किया

गृह मंत्री शाह ने गोपीनाथ बोरदोलोई को भी याद करते हुए कहा, ‘गोपीनाथ बोरदोलोई एक कद्दावर नेता थे। बंटवारे के समय, पूरे असम क्षेत्र को पूर्वी पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश की गई थी। गोपीनाथ बोरदोलोई ने इसका जोरदार विरोध किया। साथ ही कांग्रेस और नेहरू की नीतियों के खिलाफ भी खड़े हुए। नतीजतन, कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित नहीं किया गया।”

अमित शाह ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने तो आखिरकार गोपीनाथ बोरदोलोई को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। इसी तरह, भूपेन हजारिका, जिन्हें प्यार से ‘भूपेन दा’ कहा जाता था, उन्हें भी भारत रत्न नहीं मिला था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आखिरकार उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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