लखनऊ, 18 फरवरी। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने एलान कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी। उन्होंने गठबंधन को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं को पूरी तरह भ्रामक और निराधार करार दिया।
पार्टी को अपनी ताक पर भरोसा और बिना किसी बैसाखी के लड़ेगी चुनाव
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का लक्ष्य 2007 की तरह ही प्रदेश में बसपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि बसपा के किसी अन्य दल के साथ हाथ मिलाने की खबरें सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश हैं। ऐसी चर्चाएं जान बूझकर चलाई जा रही हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि पार्टी अपनी ताकत पर भरोसा करती है और बिना किसी बैसाखी के चुनाव लड़ेगी।
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कार्यकर्ताओं से अपील – ‘हाथी की मस्त चाल’ चलते हुए चुनावी तैयारियों में जुट जाएं
मायावती ने कैडर में जोश भरते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को विरोधियों के दुष्प्रचार से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे गठबंधन से जुड़ी ‘उल्टी खबरों’ पर ध्यान न दें और ‘हाथी की मस्त चाल’ चलते हुए चुनावी तैयारियों में जुट जाएं।
बसपा प्रमुख ने नारा दिया कि पार्टी को 2007 वाला इतिहास दोहराना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर जाकर जनता को बीएसपी की नीतियों से जोड़ने और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के संकल्प के साथ काम करने को कहा।
दिल्ली में टाइप-8 बंगले के आवंटन पर दी सफाई
मायावती ने इसके साथ ही दिल्ली में मिले नए सरकारी बंगले को लेकर हो रही चर्चाओं पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल के तहत टाइप-8 बंगला आवंटित किया गया है। उन्होंने साफ किया कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है और विरोधियों को नसीहत दी कि बंगले को लेकर कोई भी गलत सूचना न फैलाएं।

