कोलकाता : चुनाव अधिकारियों के सामने पेश हुए क्रिकेटर मोहम्मद शमी, SIR सुनवाई के लिए भेजी गई थी नोटिस
कोलकाता, 20 जनवरी। भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर पेसर मोहम्मद शमी पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मंगलवार को अपनी निर्धारित सुनवाई के लिए यहां चुनाव अधिकारियों के सामने पेश हुए। मो. शमी और उनके भाई मो. कैफ को बंगाल चुनाव आयोग द्वारा सुनवाई के लिए पेश होने का नोटिस जारी की गई थी।
एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित एक अधिकारी ने बताया कि मो. शमी दक्षिण कोलकाता के बिक्रमगढ़ इलाके के एक स्कूल में आवश्यक दस्तावेजों के साथ चुनाव अधिकारियों के सामने पेश हुए। सुनवाई पूरी होने के बाद शमी ने पत्रकारों से कहा कि एसआईआर हर किसी की जिम्मेदारी है। इस प्रक्रिया के दौरान सभी को सहयोग करना चाहिए।
बोले – कोई समस्या नहीं है, एसआईआर हर किसी का अधिकार
मो. शमी ने पत्रकारों से कहा, ‘कोई समस्या नहीं है। एसआईआर हर किसी का अधिकार है। हम सभी को इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है। इससे किसी को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने (चुनाव अधिकारियों ने) इसे अच्छे से संभाला। मैं पिछले 25 वर्षों से यहीं रह रहा हूं। यदि वे मुझे दोबारा बुलाते हैं, तो मैं फिर आऊंगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि सभी को अपने मताधिकार का सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। जहां पात्र हों, वहां वोट डालना चाहिए।
शमी द्वारा भरे गए एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ स्थानों पर गड़बड़ियां थीं
वहीं पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शमी द्वारा भरे गए एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ स्थानों पर गड़बड़ियां थीं, जिसके कारण उन्हें सुनवाई के लिए तलब किया गया था। निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘शमी पहले तय तारीख पर सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके क्योंकि वह विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व करने के लिए राजकोट में थे। इसलिए एक नई तारीख दी गई।’
क्रिकेट करिअर के कारण कई वर्षों से कोलकाता में रह रहे शमी
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी शमी अपने क्रिकेट करिअर के कारण कई वर्षों से कोलकाता में रह रहे हैं। वह कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 के मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। शमी अपने कोच की सलाह पर कम उम्र में ही कोलकाता आ गए थे। बाद में उन्होंने बंगाल के पूर्व रणजी कप्तान और कोच संबरन बंद्योपाध्याय के मार्गदर्शन में बंगाल की अंडर-22 टीम में जगह बनाई।
