महाकुम्भ 2025 : श्रद्धालुओं की संख्या पहुंची 60 करोड़ के पार, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर अंतिम ‘अमृत स्नान’
महाकुम्भ नगर, 22 फरवरी। महाकुम्भ मेला 2025 के समापन में अब सिर्फ चार दिन शेष हैं, लेकिन अब भी त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार प्रयागराज पहुंच रही है।
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार शाम को घोषणा की कि महाकुम्भ मेले में अप्रत्याशित रूप से 60.74 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अब तक त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। जब महाकुम्भ शुरू हुआ था तो सरकार ने 45 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद जताई थी, लेकिन यह संख्या पहले ही 60 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है।
आस्था एवं विश्वास के अनुष्ठान 'महाकुम्भ-2025, प्रयागराज' में आज 1.43 करोड़ से अधिक एवं अब तक 60.74 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।
आज पवित्र स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त करने वाले सभी पूज्य साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन!
भगवान… pic.twitter.com/LmOTwOIECi
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) February 22, 2025
65 करोड़ का आंकड़ा पार करने की उम्मीद
सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, 26 फरवरी को अंतिम ‘अमृत स्नान’ तक श्रद्धालुओं की संख्या 65 करोड़ के पार होने की उम्मीद है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत के 110 करोड़ सनातन अनुयायियों में से आधे से अधिक ने पवित्र संगम में स्नान किया है। 13 जनवरी से शुरू हुआ कुम्भ मेला महाशिवरात्रि के अवसर पर 26 फरवरी तक चलेगा।
विश्व जनसंख्या समीक्षा, प्यू रिसर्च के अनुसार, भारत की जनसंख्या लगभग 143 करोड़ (1.43 बिलियन) है, जिसमें 110 करोड़ (1.10 बिलियन) सनातन धर्म के अनुयायी हैं। इसका मतलब है कि भारत की 55 प्रतिशत से अधिक आबादी ने महाकुम्भ में भाग लिया है। प्यू रिसर्च 2024 के अनुसार वैश्विक स्तर पर सनातन अनुयायियों की संख्या 1.2 बिलियन (120 करोड़) है, जिसका अर्थ है कि दुनियाभर में 50 प्रतिशत से अधिक सनातनियों ने संगम में डुबकी लगाई है।
आगामी महा शिवरात्रि स्नान से यह संख्या 650 मिलियन (65 करोड़) से आगे बढ़ने की उम्मीद है। यूपी सरकार के बयान के अनुसार, मां जानकी (देवी सीता) के मायके नेपाल से 50 लाख से अधिक लोगों ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया है। मौनी अमावस्या पर सबसे अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिसमें लगभग आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान में भाग लिया जबकि मकर संक्रांति पर लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया था।
जेपी नड्डा ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया
इस बीच भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और उनके परिवार ने शनिवार को महाकुंभ में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के संगम पर पवित्र डुबकी लगाई। नड्डा के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई।
आज तीर्थराज प्रयागराज में सनातन संस्कृति के भव्य, दिव्य और वैभव के प्रतीक व सामाजिक समरसता के अनुष्ठान महाकुंभ में पुण्यदायी त्रिवेणी संगम में सपरिवार आस्था की डुबकी लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
पवित्र महाकुंभ के माध्यम से हमारी महान प्राचीन परंपरा और समावेशी संस्कृति से… pic.twitter.com/2Ii98WSK4Q
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) February 22, 2025
जेपी नड्डा ने बाद में X लिखा, ‘आज तीर्थराज प्रयागराज में सनातन संस्कृति के भव्य, दिव्य और वैभव के प्रतीक व सामाजिक समरसता के अनुष्ठान महाकुम्भ में पुण्यदायी त्रिवेणी संगम में सपरिवार आस्था की डुबकी लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पवित्र महाकुंभ के माध्यम से हमारी महान प्राचीन परंपरा और समावेशी संस्कृति से सम्पूर्ण विश्व साक्षात्कार कर रहा है।’
तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर आयोजित यह ऐतिहासिक महाकुंभ अनुष्ठान हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, एकता और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है।
इस पुण्य अवसर पर माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती जी का सपरिवार पूजन कर समस्त देशवासियों की सुख, समृद्धि और सौभाग्य… pic.twitter.com/Ao4AyvOANu
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) February 22, 2025
एक अन्य पोस्ट में नड्डा ने लिखा, ‘तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर आयोजित यह ऐतिहासिक महाकुंभ अनुष्ठान हमारी सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, एकता और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है। इस पुण्य अवसर पर मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती जी का सपरिवार पूजन कर समस्त देशवासियों की सुख, समृद्धि और सौभाग्य के लिए प्रार्थना की।’
