इसरो ने दी जानकारी : चंद्रयान-3 की कक्षा बढ़ाने की तीसरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न

नई दिल्ली, 18 जुलाई। भारत का महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन  चंद्रयान-3 अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है और इसकी कक्षा बढ़ाने की तीसरी प्रक्रिया (पृथ्वी से जुड़ी पेरिगी फायरिंग) को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) बेंगलुरु से सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया है। इसरो ने ट्विटर पर यह जानकारी साझा करते हुए यह भी कहा कि अगली फायरिंग 20 जुलाई को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच करने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते 14 जुलाई को इसरो के वैज्ञानिकों ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से LVM3-M4 रॉकेट पर चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जो दोपहर 2.35 बजे उड़ान भरने के 17 मिनट बाद, सटीक कक्षा में स्थापित किया गया था।

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक एस उन्नीकृष्णन नायर ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से कहा था कि प्रक्षेपण यान ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और अंतरिक्ष यान के लिए आवश्यक प्रारंभिक शर्तें ‘बहुत सटीक’ प्रदान की गई हैं।

वहीं चंद्रयान-3 ले जाने वाले LVM3-M4 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण के बाद इसके परियोजना निदेशक पी.वीरमुथुवेल ने कहा था कि इसरो इस्टार्क (ISTRAC) से अंतरिक्ष यान की बारीकी से निगरानी और नियंत्रण करेगा।

वीरमुथुवेल ने कहा, ‘कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आने वाली हैं, जिनमें पृथ्वी से जुड़े युद्धाभ्यास, चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश और लैंडर को अलग करना, डीबूस्ट युद्धाभ्यास का एक सेट और अंत में (चंद्र सतह पर) सॉफ्ट लैंडिंग के लिए पावर डिसेंट चरण शामिल है।’

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