डब्ल्यूएचओ  ने भारत बायोटेक के कोवैक्सीन की आपूर्ति रोकी, सुविधाओं की अपग्रेड करने की जरूरत बताई

नई दिल्ली, 3 अप्रैल। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत बायोटेक की कोविड-19 रोधी वैक्सीन कोवैक्सीन की आपूर्ति रोक दी है और विभिन्न देशों को ‘उचित काररवाई’ करने की सिफारिश की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन की संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के माध्यम से आपूर्ति को निलंबित कर दिया है, ताकि निर्माता को सुविधाओं को अपग्रेड करने और निरीक्षण में पाई गई कमियों को दूर करने की अनुमति मिल सके। डब्ल्यूएचओ ने वैक्सीन प्राप्त करने वाले देशों से उचित काररवाई करने के लिए कहा, लेकिन यह साफ नहीं किया कि उचित काररवाई क्या होगी।

वैश्विक संगठन ने यह भी कहा – टीका प्रभावी और कोई सुरक्षा चिंता नहीं

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि टीका प्रभावी है और कोई सुरक्षा चिंता नहीं है, लेकिन निर्यात के लिए उत्पादन को स्थगित करने से कोवैक्सीन की आपूर्ति बाधित होगी। उसने कहा कि निलंबन 14 से 22 मार्च तक डब्ल्यूएचओ पोस्ट इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (ईयूएल) निरीक्षण के परिणामों के जवाब में है, और वैक्सीन निर्माता ने निर्यात के लिए कोवैक्सीन के उत्पादन को निलंबित करने की अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया है।

डब्ल्यूएचओ मानकों के अनुरूप विनिर्माण प्रक्रियाओं में उचित बदलाव कर रही कम्पनी

हालांकि कम्पनी ने निलंबन पर सवालों का जवाब नहीं दिया। लेकिन उत्पादन धीमा करने के लिए कोवैक्सीन की घोषणा करने के लिए शुक्रवार को जारी एक बयान में इसने कहा था कि वह डब्ल्यूएचओ मानकों से मेल खाने के लिए विनिर्माण प्रक्रियाओं में उचित बदलाव कर रही है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कम्पनी जीएमपी की कमियों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) और डब्ल्यूएचओ को प्रस्तुत करने के लिए एक सुधारात्मक और निवारक कार्य योजना विकसित कर रही है।

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