लखनऊ, 5 सितंबर। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ-अशुभ समय का विचार किया जाता है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर हिंदू कालगणना की जानकारी देता है। 5 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 9:53 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। शनिवार के दिन भगवान शनिदेव और हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। भक्त हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित कर सकते हैं।
5 सितंबर का सूर्योदय और चंद्रोदय
शनिवार को सूर्योदय सुबह 6:14 बजे और सूर्यास्त शाम 6:37 बजे होगा। वहीं, चंद्रोदय रात 12:48 बजे होगा और अगले दिन चंद्रास्त दोपहर 2:05 बजे होगा।
नक्षत्र और योग
पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा। चंद्रमा रात 9:30 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इस दिन वज्र योग रहेगा। वहीं, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा। इसे दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल दोपहर 1:16 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा।
5 सितंबर 2026 का राहुकाल
शनिवार को राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:52 बजे तक रहेगा। वहीं, गुलिक काल सुबह 6:14 बजे से 7:47 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 1:58 बजे से 3:31 बजे तक रहेगा। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
शनिवार को किस दिशा में रहेगा दिशाशूल?
इस दिन पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना जरूरी हो तो परंपरागत ज्योतिषीय उपायों के बाद यात्रा शुरू करने की सलाह दी जाती है।
5 सितंबर को ग्रहों की स्थिति
शनिवार को सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा। ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन के शुभ-अशुभ समय और धार्मिक गतिविधियों का विचार किया जाता है।


