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पश्चिम एशिया संकट : मार्च के पहले सप्ताह में 1200 भारतीय उड़ानें रद, हवाई किराए में बेतहाशा वृद्धि

पश्चिम एशिया संकट : मार्च के पहले सप्ताह में 1200 भारतीय उड़ानें रद, हवाई किराए में बेतहाशा वृद्धि

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नई दिल्ली, 6 मार्च। अमेरिका व इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध से पश्चिम एशिया में गहरा चुके संकट ने वैश्विक हवाई यातायात को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस संकट का सबसे गहरा असर भारतीय विमानन क्षेत्र और यहां के यात्रियों पर पड़ा है। पश्चिम एशिया का हवाई मार्ग, जो भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा का सबसे मुख्य रास्ता है, अब ‘नो-फ्लाई जोन’ में तब्दील होता जा रहा है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह तक भारतीय एयरलाइंस की लगभग 1,221 उड़ानें रद की जा चुकी हैं। युद्ध से व्याप्त खतरे को देखते हुए DGCA ने भारतीय विमानों को ईरान, इराक, और यूएई सहित 11 देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है। इसके कारण एअर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर जैसी कम्पनियों ने दुबई, दोहा और मस्कट जैसे शहरों के लिए अपनी सेवाएं या तो बंद कर दी हैं या बहुत कम कर दी हैं।

यूरोप व अमेरिका जाने के लिए अब लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा

ईरान का रास्ता बंद होने की वजह से अब भारतीय विमानों को यूरोप और अमेरिका जाने के लिए ओमान और मिस्र के ऊपर से लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इस बदलाव के कारण उड़ानों के समय में चार से पांच घंटे की बढ़ोतरी हो गई है।

दूरी बढ़ने से आसमान छू रहा किराया

इसी क्रम में एअर इंडिया की न्यूयॉर्क जाने वाली फ्लाइट्स को अब ईंधन भरने के लिए इटली के रोम में रुकना पड़ रहा है। इससे न केवल समय बर्बाद हो रहा है बल्कि एयरलाइंस पर ईंधन और लैंडिंग चार्ज का आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। इस संकट ने हवाई टिकटों की कीमतों को आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया है।

खाड़ी देशों का हाल : दुबई और अबू धाबी से भारत आने वाले यात्रियों को एक तरफ के टिकट के लिए एक लाख से 1.8 लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।

यूरोप का सफर : लंदन और पेरिस जैसे शहरों के लिए किराया तीन लाख रुपये के करीब पहुंच गया है।

बढ़ती लागत : कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विमानों के बढ़ते इंश्योरेंस प्रीमियम की वजह से एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ा है।

यात्रियों की सुरक्षा और राहत कार्य

भले ही नियमित उड़ानें बंद हैं, लेकिन एअर इंडिया और इंडिगो जैसी कम्पनियां खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए विशेष ‘राहत उड़ानें’ संचालित कर रही हैं। इंडिगो ने घोषणा की है कि वह प्रभावित यात्रियों को टिकट रद करने पर पूरा पैसा वापस देगी या उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दूसरी तारीख पर फ्लाइट बुक करने की सुविधा देगी।

पर्यटन भी प्रभावित

ट्रैवल विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के चलते भारतीयों ने दुबई और तुर्की जैसे देशों के लिए अपनी छुट्टियां रद कर दी हैं। अब लोग उन रास्तों पर सफर करने से डर रहे हैं, जो युद्ध क्षेत्र के करीब हैं। हालांकि, भारत के भीतर यानी घरेलू उड़ानों पर इसका कोई खास असर नहीं देखा गया है।

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