बिहार को खरमास बाद मिलेगा नया मुख्यमंत्री? नीतीश कुमार ने अंतिम बार की कैबिनेट की अध्यक्षता
पटना, 8 अप्रैल। राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किए जा चुके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक का अध्यक्षता की। यह बैठक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संभावित अंतिम कैबिनेट बैठक के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले फरवरी में आखिरी कैबिनेट बैठक हुई थी। उसके बाद करीब डेढ़ महीने तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई।
इस बीच, मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार 13 अप्रैल के आसपास अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। साथ ही, खरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। हालांकि, इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गुरुवार को जाएंगे दिल्ली, 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार की दोपहर में दिल्ली जाएंगे, जहां वह जदयू की बैठक में हिस्सा लेंगे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। साथ ही 10 अप्रैल को वह राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे जबकि दिल्ली से लौटने के बाद वह राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को आगे बढाएंगे।
बिहार भाजपा कोर ग्रुप की दिल्ली में 10 अप्रैल को अहम बैठक
इसके साथ ही अब लगभग यत तय हो गया है कि राज्य में भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही है। इसके लिए दिल्ली से लेकर पटना में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में 10 अप्रैल को बिहार भाजपा कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन करने वाले हैं।
उस बैठक में बिहार प्रदेश के शीर्ष नेताओं के अलावा क्षेत्रीय संगठन मंत्री नागेंद्र जी और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया शामिल होंगे। बैठक के लिए बिहार प्रदेश भाजपा के जिन नेताओं को बुलाया गया है, उनमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार जायसवाल, बिहार सरकार में मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, मंत्री मंगल पांडेय शामिल हैं।
भाजपा में आम सहमति से सीएम का नाम तय करने की कोशिश होगी
उसी बैठक में प्रदेश कोर ग्रुप से मुख्यमंत्री का नाम सुझाने को कहा जा सकता है। बैठक में इस बात की कोशिश होगी कि आम सहमति से कोई एक नाम तय हो जाए। इस बैठक में जो फैसला होगा, उसी के आधार पर पार्टी आलाकमान अंतिम फैसला लेगा। पार्टी आलाकमान की ओर से मुख्यमंत्री का नाम फाइनल किए जाने के बाद गठबंधन के नेताओं को इस बारे में राजी करने की कोशिश की जाएगी। पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर दिया जाएगा।
सीएम के इस्तीफे के बाद एनडीए दलों की बैठक होगी – मंत्री विजय चौधरी
इस बीच मंत्री विजय चौधरी ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और उसके बाद ही सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए निर्धारित समय पर जाएंगे और 10 अप्रैल को शपथ ग्रहण करेंगे। इसके बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे।
चौधरी ने बताया कि सीएम के इस्तीफे के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी दलों की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा और उसी आधार पर नई सरकार का गठन होगा। जब विजय चौधरी से नए मुख्यमंत्री के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने गोल मटोल जवाब देते हुए कहा कि ‘जरा स्थिर होकर पूछिए कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? जिन-जिन को आप लोग रेस में लगा देते हैं, वही होंगे।’
नए सीएम की रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे
दरअसल, पिछले कुछ महीनों से मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सम्राट चौधरी का नाम लगातार प्रमुखता से सामने आ रहा है। उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। खास बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपनी यात्रा के दौरान कई बार ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे सम्राट चौधरी को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सियासत के जानकारों का मानना है कि विजय चौधरी भले ही सीधे तौर पर किसी नाम का एलान नहीं कर रहे हों, लेकिन उनके बयान में छिपे संकेत काफी कुछ साफ कर रहे हैं।
