लखनऊ, 25 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में सरकारी छुट्टियों के क्रम एक और अवकाश मिलने जा रहा है। इस क्रम में योगी आदित्यनाथ की अगुआई वाली भाजपा सरकार ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सोमवार, दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। अवकाश के संबंध में शासन की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में अवकाश रहेगा।
शासन स्तर पर विचार के बाद अवकाश की घोषणा
सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया, ‘शासन स्तर पर सम्यक विचारोपरान्त महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर दिनांक 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय के आलोक में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर दिनांक 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है। यह अवकाश निगोशिएबुल इन्स्ट्रूमेन्ट एक्ट 1881 के अधीन नहीं होगा।’
19 अक्टूबर को महानवमीं पर घोषित किया गया था अवकाश
उल्लेखनीय है कि इससे पहले यूपी सरकार ने गत 19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर अवकाश की घोषणा की थी। अब महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर गई है। दरअसल, महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर देशभर में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। साथ ही महर्षि वाल्मीकि की झांकियां भी निकाली जाती हैं।
बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम जाएंगे सीएम योगी, आदिकवि को अर्पित करेंगे श्रद्धा-सुमन
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाल्मीकि जयंती पर सोमवार को कानपुर के बिठूर पहुंचेंगे। सीएम योगी वहां वाल्मीकि आश्रम में रामायण पाठ व पूजा में शामिल होंगे और महर्षि वाल्मीकि को अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे। मान्यता है कि इसी आश्रम में महाकाव्य रामायण की रचना हुई और माता सीता को आश्रय मिला था। यहीं भगवान श्रीराम के पुत्रों लव-कुश का जन्म हुआ।
क्षेत्रवासियों को 411 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे
मुख्यमंत्री इस अवसर पर बिल्हौर व बिठूर विधानसभा क्षेत्रवासियों को 411 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। वह विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ उनसे जुड़े पौराणिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में ‘रामायण सर्किट’ और ‘राम वन-गमन पथ’ के तहत अयोध्या, चित्रकूट व इटावा आदि में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
पर्यटन विभाग का महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाने पर जोर है। योगी सरकार विभिन्न परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर ‘आदिकवि’ महर्षि वाल्मीकि की विरासत सहेजने के साथ सांस्कृतिक पर्यटन को भी विस्तार दे रही है।
वहीं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में रामायण से जुड़े अनेक धार्मिक स्थल हैं। प्रदेश सरकार ‘रामायण सर्किट’ और ‘राम वन गमन पथ’ के माध्यम से इन स्थलों के संरक्षण, विकास और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। चित्रकूट इसका जीता-जागता उदाहरण है। वाल्मीकि समुदाय उनकी जयंती को ‘प्राकट्य दिवस’ के रूप में मनाता है।


