अमेरिका अब ईरान से सीधी बातचीत करेगा, ट्रंप बोले – समझौते पर भी कर सकते हैं हस्ताक्षर

हेग, 25 जून। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के अधिकारी अगले सप्ताह बातचीत करेंगे, जिससे इजराइल और तेहरान के बीच हालिया संघर्ष के कारण बाधित हुई वार्ता बहाल होगी।

नीदरलैंड्स में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान प्रेस वार्ता में ट्रंप ने कहा, ‘मैं आपको बता दूं कि हम अगले सप्ताह ईरान के साथ सीधी बातचीत करने जा रहे हैं। हम किसी समझौते पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं।’ हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू करने में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट कर दिया है।

इजराइल-ईरान में युद्ध विराम लागू

उल्लेखनीय है कि इजराइल और ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम मुश्किलों भरी शुरुआत के बाद बुधवार को कायम होता दिखाई दिया, जिससे यह उम्मीद जगी है कि एक दीर्घकालिक शांति समझौता हो सकता है। हालांकि तेहरान ने इस बात पर जोर दिया है कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ेगा। इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के 12वें दिन मंगलवार को युद्धविराम लागू हुआ था। हालांकि दोनों पक्षों ने शुरू में एक दूसरे पर इसका उल्लंघन करने का आरोप लगाया, लेकिन अंततः मिसाइल, ड्रोन और बम के हमले बंद हो गए।

ट्रंप ने भी अलापा युद्धविराम वाला राग

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के शिखर सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि यह (युद्धविराम) ‘बहुत अच्छी तरह से’ जारी है। युद्धविराम कराने में मदद करने वाले ट्रंप ने कहा, ‘वे बम नहीं बनाएंगे और वे संवर्धन नहीं करेंगे।’

हालांकि, ईरान ने इस बात पर जोर दिया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को नहीं छोड़ेगा जबकि ईरानी संसद ने एक मतदान में एक प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति जतायी, जो विएना स्थित संयुक्त राष्ट्र संगठन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईएए) के साथ देश के सहयोग को प्रभावी रूप से रोक देगा। आईएईए ईरान के परमाणु कार्यक्रम की वर्षों से निगरानी कर रहा है।

ईरान ने माना – US एयर स्ट्राइक में न्यूक्लियर साइट्स बुरी तरह तबाह

इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बुधवार को पुष्टि की कि सप्ताहांत में अमेरिकी हमलों में देश की परमाणु सुविधाओं को ‘बुरी क्षति’ पहुंची है। अल जजीरा पर बातचीत में बघेई ने हालांकि इस बाबत विस्तार से ब्यौरा देने से इनकार कर दिया, लेकिन स्वीकार किया कि रविवार को अमेरिकी बी-2 बमवर्षकों द्वारा बंकर-बस्टर बमों का उपयोग करके किए गए हमले महत्वपूर्ण थे। उन्होंने कहा, ‘हमारे परमाणु प्रतिष्ठानों को बुरी तरह क्षति पहुंची है, यह निश्चित है।’

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