अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने अब तक ट्रेड डील नहीं होने की बताई वजह – पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया
वॉशिंगटन, 9 जनवरी। अमेरिका और भारत के बीच व्यापर समझौते को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है, जिसके चलते भारत को 50 फीसदी तक अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कॉल नहीं करने की वजह से ये डील फाइनल नहीं हो सकी है।
‘भारत सरकार इस डील से सहज नहीं थी और मोदी ने कॉल नहीं किया’
हावर्ड लुटनिक ने यह दावा ऐसा समय में किया है, जब ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी है, लेकिन इस पर अभी मतदान होना बाकी है। लुटनिक ने दावा किया, ‘भारत सरकार इस (डील) से सहज नहीं थी और आखिरकार मोदी ने वह कॉल नहीं किया।’
‘डेडलाइन बीतने के बाद हमने कई समझौतों की घोषणा की’
लुटनिक ने कहा है कि सारे समझौते तैयार हो चुके थे और डील पूरी तरह तैयार थी, अंतिम कदम उठाते हुए नेता स्तर पर बातचीत होनी थी। उन्होंने कहा, ‘मुझे समझौतों पर बात करनी थी और पूरी डील तैयार करनी थी। लेकिन यह साफ है कि यह उनकी (ट्रंप) डील थी। वो इसके बहुत नजदीक थे। सब कुछ तैयार हो चुका था और मोदी को राष्ट्रपति (ट्रंप) को कॉल करना था। वे इसे करने में सहज नहीं थे तो मोदी ने कॉल नहीं किया। वो शुक्रवार निकल गया, अगले हफ्ते हमने इंडोनेशिया, फिलिपींस, वियतनाम के साथ समझौता किया। हमने कई समझौतों की घोषणा की।’
भारत को ‘3 शुक्रवार’ का समय दिया गया था
लुटनिक ने राष्ट्रपति ट्रंप के व्यापार समझौते के बातचीत की रणनीति पर कहा कि भारत को समझौता करने के लिए ‘तीन शुक्रवार’ का समय दिया गया था। डेडलाइन निकलने के बाद अमेरिका ने बाकी एशियाई देशों के साथ समझौता किया।
समय निकल जाने के बाद भारत ने संपर्क किया
उन्होंने कहा कि इन समझौतों पर बातचीत ऊंची दरों को लेकर हुई थी क्योंकि अमेरिका को शुरुआत में अंदाजा था कि भारत से पहले डील हो जाएगी, लेकिन तीन हफ्ते बाद जब भारत ने इस पर आगे बढ़ने के लिए संपर्क किया तो ये कह दिया गया कि मौका निकल चुका है।
लुटनिक के दावों पर पूर्व राजनयनिक केसी सिंह का बयान
लुटनिक के इन दावों पर भारत के पूर्व राजनयिक केसी सिंह ने एक्स पर लिखा है, ‘क्या यह हैरान करने वाला है? नहीं। ट्रंप प्रशासन से बातचीत में दो समस्याएं हैं। उनकी अपरंपरागत और अप्रत्याशित मांगें, जो आर्थिक क्षेत्र में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ और ट्रंप के अहंकार को सहलाने पर आधारित होती हैं। हर चीज अंततः सार्वजनिक हो ही जाती हैं।’
इधर भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले माह कहा था कि भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत के एडवांस स्टेज में हैं।
