कच्चे तेल के दाम में वृद्धि से शेयर बाजार में भूचाल, जून 2024 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट
मुंबई, 19 मार्च। पश्चिम एशिया संकट के बीत कच्चे तेल के दाम में तेज वृद्धि और वैश्विक स्तर पर कमजोरी के रुख से घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भूचाल नजर आया। इस क्रम में पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी अच्छी तेजी पर न सिर्फ ब्रेक लगा वरन दोनों बेंचमार्क इंडेक्स जून, 2024 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट देखने को बाध्य हुए।
बीएसई सेंसेक्स 2,497 अंकों का गोता लगाने के साथ जहां 74,200 के करीब जाकर ठहरा वहीं एनएसई निफ्टी 775 अंकों तक लुढ़कने के बाद 23,000 तक जा सिमटा। इससे पहले, पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 2,140 अंक चढ़ा था जबकि निफ्टी में 626 अंक की तेजी रही थी।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में तेल एवं गैस संयंत्रों पर हमलों के बाद कच्चे तेल के दाम में उफान देखने को मिला और इससे निवेशकों की धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आपूर्ति में लगातार व्यवधान की आशंका बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमत 111 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा पहुंची है।
सेंसेक्स 2,496.89 अंकों की गिरावट से 74,207.24 पर बंद
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 2,496.89 अंक यानी 3.26 प्रतिशत का गोता लगाकर 74,207.24 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 2,753.18 अंक टूटकर 73,950.95 अंक पर जा फिसला था। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में सभी 30 के स्टॉक में बड़ी गिरावट रही।
निफ्टी 775.65 अंक यानी 3.26% टूटकर 23,002.15 पर बंद
उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 775.65 अंक यानी 3.26 प्रतिशत टूटकर 23,002.15 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में सिर्फ ओएनजीसी का शेयर लाभ में रहा और शेष 49 में कमजोरी दिखी। व्यापक बाजार भी बुरी तरह प्रभावित रहा। इस क्रम में मझोली कम्पनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 3.34 प्रतिशत और छोटी कम्पनियों के स्मॉलकैप में 2.77 प्रतिशत की गिरावट आई।
निवेशकों को एक ही सत्र में 12.87 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों को एक ही सत्र में 12.87 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। दरअसल, बीएसई में सूचीबद्ध कम्पनियों का बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में 12,87,273.89 करोड़ रुपये घटकर 4,26,13,557.95 करोड़ रुपये (4,610 अरब डॉलर) रह गया। देखा जाए तो गत 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से निवेशकों को 37 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
इटर्नल के शेयर सर्वाधिक 5.65 फीसदी जा लुढ़के
सेंसेक्स समूह में शामिल कम्पनियों में इटर्नल के शेयर सर्वाधिक 5.65 फीसदी जा लुढ़के। बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फिनसर्व के स्टॉक भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। इनमें एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक का शेयर 5.13 प्रतिशत नीचे आ गया।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.75% चढ़कर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंची
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.75 प्रतिशत चढ़कर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। यह वृद्धि कतर में एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक गैस संयंत्र और कुवैत में दो तेल रिफाइनरियों पर ईरान के हमले के बाद हुई।
एफआईआई ने 2,714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
