श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा- ‘राम मंदिर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है’
अयोध्या, 19 मार्च। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित श्रीराम यंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘राम मंदिर भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का पावन प्रतीक है और हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।’
LIVE: President Droupadi Murmu addresses the Shri Ram Yantra Sthapana event at Shri Ram Janmbhoomi Mandir, Ayodhya https://t.co/JES3YKSgNL
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 19, 2026
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता है कि देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम अब धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है और यह मंदिर परिसर भारत की सनातन चेतना, ऊर्जा और पुनर्जागरण का प्रतीक है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पावन अयोध्या धाम में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्री माता अमृतानंदमयी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दिव्य मंदिर में श्रीराम यंत्र… pic.twitter.com/ceDJWCOXZ2
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प्रभु श्रीराम का नमन करना और भारत माता का वंदन करना एक ही भाव
उन्होंने कहा कि भारत का पुनर्जागरण केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सभी आयामों में हो रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का नमन करना और भारत माता का वंदन करना एक ही भाव है। देवभक्ति और देशभक्ति का मार्ग अलग नहीं, बल्कि एक ही है। राष्ट्रपति ने रामराज्य की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आर्थिक समृद्धि और सामाजिक समरसता के सर्वोच्च आदर्शों को प्रस्तुत करता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने गोस्वामी तुलसीदास के रामायण में वर्णित आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों – माता शबरी से भावपूर्ण मिलन, निषादराज से स्नेह, जटायु के प्रति सम्मान, वानर सेना का सहयोग, जामवंत और यहां तक कि गिलहरी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी उदाहरण एक सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी जीवन दर्शन को दर्शाते हैं।
Governor of Uttar Pradesh Smt Anandiben Patel, Chief Minister Yogi Adityanath and Deputy Chief Ministers Shri Keshav Prasad Maurya and Shri Brajesh Pathak received President Droupadi Murmu on her arrival at Ayodhya. pic.twitter.com/cFFnj9EKQM
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उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के, जो नवरात्र का प्रथम दिन है, पावन अवसर पर अयोध्या आकर वह स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रही हैं। साथ ही उन्होंने देशवासियों को रामनवमी के अवसर पर अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अयोध्या आस्था, संस्कार और विरासत की भूमि है और आज यह वैश्विक चेतना का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के भारतीय संदेश के कारण आज विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। राज्यपाल ने कहा कि भारत वह भूमि है जहां शक्ति का अर्थ सृजन, आस्था का अर्थ करुणा और धर्म का सार समाज को जोड़ना है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय बताया।
