महाराष्ट्र : स्वयंभू बाबा अशोक खरात की शर्मनाक करतूत, सस्ती वस्तुओं के लिए भारी कीमत वसूलता था
नासिक, 23 मार्च। महिलाओं से दुराचार के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा व तांत्रिक अशोक खरात के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस जालसाज और विकृत मानसिकता वाले अशोक खरात की बेईमानी और संदिग्ध गतिविधियों का पर्दाफाश उसके ही एक कर्मचारी ने किया था।
खरात के एक कर्मचारी ने ही उसकी घिनौनी हरकतों का पर्दाफाश किया
दरअसल, खरात के महिलाओं के प्रति अश्लील व्यवहार की शिकायतें मिलने के बाद कर्मचारी का शक और गहरा गया। अब पता चला है कि उसने बाबा के लिविंग रूम में एक जासूसी कैमरा लगाया था और उसमें बाबा की घिनौनी हरकतों को रिकॉर्ड कर लिया था। इस बात का पता चलने पर खरात ने उसे जान से मारने की धमकी दी और बताया जा रहा है कि उसने संबंधित पेन ड्राइव पुलिस को सौंप दी है। यह कर्मचारी 2019 से खरात के यहां काम कर रहा था।
कर्मचारी को कुछ समय से खरात के महिलाओं के साथ किए जा रहे आचरण पर संदेह था। इसलिए उसने हिम्मत जुटाकर कार्यालय में गुप्त कैमरे लगाने का फैसला किया। शाम को जब खरात कनाडा कॉर्नर स्थित कार्यालय में नहीं था, तो उसने दोस्त को फोन किया और एक गुप्त कैमरा लगा दिया। बाद में जब उसने फुटेज देखकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि कोई अनैतिक या घिनौनी हरकत न हो रही हो, तो वह दंग रह गया।
पूरी घटना की जानकारी मिलने के बाद उसने खरात की सभी वीडियो फुटेज और उसकी संपत्ति से संबंधित सभी विवरण अपने कब्जे में ले लिए थे। कर्मचारी ने जब काम पर जाना बंद कर दिया तो खरात को एहसास हुआ कि कर्मचारी के पास कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज और उसके निजी मामलों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी है, और उसने संबंधित व्यक्ति को धमकाना और परेशान करना शुरू कर दिया।
शिकायत में कहा गया है कि ‘अगर तुमने यह बात बाहर बताई तो मैं तुम्हें जिंदा नहीं रहने दूंगा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके दबाव डाला गया। वहीं, शिकायत में मीरगांव स्थित ईशान्येश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के नाम पर धन इकट्ठा करके काले धन को सफेद करने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
दफ्तर में खरात रिमोट-कंट्रोल से चलने वाले सांपों का इस्तेमाल करता था
खरात दफ्तर में रिमोट-कंट्रोल से चलने वाले सांपों का इस्तेमाल करता था। पीड़ितों को यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं। बाघ की खाल और अन्य वन्यजीव कलाकृतियों से भी प्रभाव बढ़ता था और पीड़ित अभिभूत हो जाते थे। उनमें से कुछ ने बताया कि खरात ने उन्हें जंगली इमली के बीज अत्यधिक कीमत पर बेचने के लिए ठगा, यह दावा करते हुए कि बीज ‘पवित्र’ हैं। ठग पीड़ित की आर्थिक स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन करता था।
100 रुपये की वस्तुओ के 10 हजार से एक लाख तक वसूलता था बाबा
जालसाज बाबा 100 रुपये से भी कम कीमत की वस्तुओं के लिए 10,000 रुपये से एक लाख रुपये तक वसूलता था। उसने अपने ग्राहकों को नकली रत्न भी खरीदने के लिए ठगा है। यह दावा करते हुए कि उनमें दिव्य उपचार शक्तियां हैं। फिलहाल खरात के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों ने उसकी विलासितापूर्ण जीवनशैली को भी सुर्खियों में ला दिया है। खरात ने अपने कारोबार के फलने-फूलने के बाद से लगभग 150 विदेश यात्राएं की हैं।
कारोबार फलने-फूलने के बाद से लगभग 150 विदेश यात्राएं
अपने परिवार के साथ बाबा की दक्षिण कोरिया की हालिया यात्रा की तस्वीरें अब वायरल हो गई हैं। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन शानदार यात्राओं का खर्च जबरन वसूली और धोखाधड़ी वाले अनुष्ठानों से उठाया गया था। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने ईशानेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की है क्योंकि जांच में पता चला है कि खरात का संबंध मंदिर के ट्रस्ट से है।
200 करोड़ रुपये और 52 अवैध संपत्ति?
खरात नासिक के मीरगांव स्थित मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। स्वयंभू धर्मगुरु खरात के पास एक फार्महाउस और एक बंगला है। कुछ शिकायतों में खरात पर 200 करोड़ रुपये और 52 अवैध संपत्तियों के दस्तावेज रखने का भी आरोप लगाया गया है। इस धोखेबाज बाबा के पतन ने महाराष्ट्र की राजनीति में तहलका मचा दिया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली को देना पड़ा इस्तीफा
जांच में पता चला है कि वरिष्ठ राजनेता और अन्य प्रमुख लोग खरात के ग्राहकों में शामिल थे। इनमें एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर भी हैं, जिन्हें खरात से संबंध उजागर होने के बाद महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बड़े विवाद के बीच चाकणकर को इस्तीफा देने के लिए कहा था।
