शहबाज शरीफ UN में बोले – ट्रंप दखल न देते तो पाकिस्तान और भारत के बीच विनाशकारी युद्ध हो सकता था

न्यूयॉर्क, 26 सितम्बर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए भारत व पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया है।

पाकिस्तान हर मुद्दे को बातचीत और वार्ता के माध्यम से हल करना चाहता है

शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को यूएन में अपने संबोधन में कहा, कि पाकिस्तान ने अपनी पूर्वी सीमा पर दुश्मन के उकसावे का जवाब दिया और पाकिस्तान ने भारत को पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश की थी। उन्होंने आगे कहा, ‘पाकिस्तान अपने संस्थापक कायदे आज़म मुहम्मद अली जिन्ना के दृष्टिकोण के अनुरूप हर मुद्दे को बातचीत और वार्ता के माध्यम से हल करना चाहता है।’

हमने भारत के साथ युद्ध जीत लिया है, अब हम शांति चाहते हैं

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत पर पहलगाम की घटना का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान बाहरी आक्रमण से पूरी तरह अपनी रक्षा करेगा। हमने भारत के साथ युद्ध जीत लिया है, अब हम शांति चाहते हैं और पाकिस्तान सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ व्यापक और कारगर वार्ता करने के लिए तैयार है। पाकिस्तान की विदेश नीति आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित है। हम विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।’

ट्रंप को नोबेल की वकलत

पाकिस्तानी पीएम ने कहा, ‘यदि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव में दखल नहीं दिया होता तो युद्ध के परिणाम विनाशकारी हो सकते थे। पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध रोकने के लिए ट्रंप नोबेल शांति सम्मान के हकदार हैं।’

तीसरे पक्ष की भूमिका को भारत नकारता रहा है

वहीं भारत इस बात को नकारता रहा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका थी। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी से जुड़े सवाल के जवाब में कहा था कि कई वर्षों से एक राष्ट्रीय सहमति रही है कि पाकिस्तान के साथ हमारे सभी मामले आपसी यानी द्विपक्षीय हैं।’

भारत ने साथ ही यह भी दावा किया है कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी शिविर नष्ट किए गए और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

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