ट्रंप की धमकी के बाद रूस सीजफायर को तैयार, लेकिन पुतिन ने रख दी लंबी डिमांड
ट्रंप की धमकी के बाद रूस सीजफायर को तैयार, लेकिन पुतिन ने रख दी लंबी डिमांड
मॉस्को, 13 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद रूस सीजफायर को तैयार तो हो गया है, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसके एवज में लंबी डिमांड भी रख दी है।
युद्ध विराम से संघर्ष के मूल कारणों का समाधान होना चाहिए
बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ वार्ता के बाद पुतिन ने कहा, ‘हम यूक्रेन के साथ चल रही जंग को रोकने के अमेरिकी प्रस्तावों से सहमत हैं, लेकिन किसी भी युद्ध विराम से स्थायी शांति आनी चाहिए और संघर्ष के मूल कारणों का समाधान होना चाहिए।’
यूक्रेन को नाटो की सदस्यता न दिए जाने की मांग पर भी अड़ा रूस
हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि रूसी राष्ट्रपति ने क्या-क्या मांगें रखी हैं, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि पुतिन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और नाटो वादा करें कि यूक्रेन को सदस्यता नहीं दी जाएगी। इसके अलावा यह भी कहा जाए कि नाटो का विस्तार ऐसे नहीं किया जाएगा कि रूस के पड़ोसी देशों को शामिल किया जाए।
नाटो की सदस्यता भी यूक्रेन पर रूसी हमले की एक वजह
दरअसल, रूस यह गारंटी चाहता है कि नाटो का विस्तार पूर्वी यूरोप में न हो, जहां उसकी सीमा से लगते देश हैं। यूक्रेन पर रूसी हमले की वजह भी यही थी। रूस लगातार कह रहा था कि नाटो देशों की ओर से यूक्रेन में सेना तैनात की जा सकती है और उसे मेंबरशिप मिल सकती है। ऐसा हुआ तो उसकी सीमाओं को खतरा होगा। इसी तनाव के बीच उसने यू्क्रेन पर फरवरी, 2022 में भीषण हमला बोल दिया था। यह जंग अब पहले से धीमी तो है, लेकिन रुक-रुक कर संघर्ष की स्थिति जारी है।
एक और डिमांड – कब्जाए 4 इलाकों को मान्यता दे अमेरिका
अमेरिका से रूस की एक और मांग है कि अमेरिका यह माने कि क्रीमिया समेत यूक्रेन के वे चार इलाके रूस के ही हैं, जिन पर उसने कब्जा जमा लिया है।
अमेरिका ने रूस को भेजा था 30 दिनों के सीजफायर का प्लान
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में यूक्रेन और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर सहमति बनी थी। इसके बाद अमेरिका ने 30 दिनों के सीजफायर का प्लान रूस को भेजा था, लेकिन पुतिन के ढीले रवैये के मद्देनजर ट्रंप ने उन्हें चेतावनी दे डाली थी। ट्रंप ने पुतिन को चेतावनी देते हुए कहा था, ‘यदि रूस, यूक्रेन के खिलाफ जंग जारी रखता है तो उसे इसके सख्त परिणाम भुगतने होंगे। उसे इसका आर्थिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। हम कुछ ऐसे कदम उठा सकते हैं, जिससे उस पर नकारात्मक वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है। यह रूस के लिए घातक होगा। मैं ऐसा नहीं चाहता क्योंकि मेरा मकसद शांति लाना है।’ यूक्रेन ने इस प्रस्ताव को समर्थन देने की बात कही थी।
पुतिन बोले – ‘हमें अपने सहयोगियों से बात करनी होगी’
अब पुतिन ने इस पहल के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा, ‘हम निश्चित रूप से इस विचार का समर्थन करते हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर चर्चा आवश्यक है। हमें अपने अमेरिकी सहयोगियों से बात करनी होगी।’ रूसी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि वह इस मुद्दे पर ट्रंप से फोन पर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने के विचार का समर्थन करते हैं।’
इससे पहले बुधवार को पुतिन रूस के पश्चिमी कुरस्क क्षेत्र में एक सैन्य कमांड पोस्ट का दौरा करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने हरे रंग की सैन्य वर्दी पहनी थी। इसी दौरान रूसी सेना ने अपने हमलों को जारी रखा और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यूक्रेन इस क्षेत्र में अपनी पकड़ खो सकता है।
