आरसीबी के कप्तान विराट बोले – ‘मैंने अपना 120 फीसदी देने की कोशिश की, मेरे लिए निष्ठा सबसे अहम’

शारजाह, 12 अक्टूबर। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 के एलिमिनेटर में सोमवार की रात कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के हाथों पराजय के साथ ही विराट कोहली का बतौर कप्तान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के साथ सफर समाप्त हो गया, जिसे वह यादगार नहीं बना सके।

विराट कोहली ने आईपीएल से आरसीबी की चुनौती खत्म होने के बाद कहा कि उन्होंने अपनी ओर से 120 फीसदी देने की कोशिश की है और उनके लिए निष्ठा सबसे अहम है। उन्होंने एक बार फिर कहा कि वह आरसीबी के अलावा किसी और टीम के साथ नहीं जुड़ेंगे और अपने आखिरी आईपीएल मैच तक आरसीबी के साथ ही जुड़े रहेंगे।

‘मेरी कोशिश यही थी कि युवा यहां आ सकें और आक्रामक तरीके से खेल सकें’

आरसीबी के लिए बतौर कप्तान आखिरी मैच खेलने के संदर्भ में विराट कोहली ने कहा, ‘मैंने अपना बेस्ट दिया, मेरी कोशिश थी कि युवा यहां पर आ सकें और आक्रामक तरीके से खेल सकें। मैंने ऐसा ही भारतीय टीम के साथ भी किया है। मैंने अपनी ओर से कोशिश की, लेकिन उसका क्या रिस्पॉन्स रहा, यह नहीं कह सकता। मैंने अपना 120 फीसदी दिया है, आगे भी मैं बतौर खिलाड़ी मैदान पर अपना बेस्ट दूंगा।’

ऐसे लोगों को लाया जाए जो आरसीबी को आगे बढ़ा सकें

विराट कोहली के अनुसार यह वक्त है कि टीम को एक बार फिर से खड़ा किया जाए और ऐसे लोगों को लाया जाए जो टीम को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा, ‘मैं आरसीबी के साथ ही जुड़े रहूंगा। मेरे लिए निष्ठा काफी मायने रखती है। इस फ्रेंचाइजी ने मेरे ऊपर विश्वास किया है ऐसे में मैं अपने आखिरी आईपीएल मैच तक इसी के साथ रहूंगा।’

आईपीएल का दूसरा हाफ शुरू होने से पहले ही कर दी थी कप्तानी छोड़ने की घोषणा

गौरतलब है कि विराट कोहली आईपीएल की शुरुआत से ही आरसीबी के साथ जुड़े रहे हैं और वर्ष 2013 से टीम की लगातार कप्तानी कर रहे हैं। लेकिन वह अपनी टीम को एक भी बार आईपीएल की ट्रॉफी नहीं जिता सके। टीम तीन बार उपजेता रही है।

विराट कोहली ने इस आईपीएल 2021 के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले ही कप्तानी फ्रेंचाइजी छोड़ने की बात कह दी थी। वह आरसीबी के साथ-साथ टी20 प्रारूप में भारतीय टीम की कप्तानी भी छोड़ेंगे। लगातार बढ़ रहे वर्कलोड और बल्लेबाजी पर पड़ते असर के कारण उन्होंने यह फैसला किया था।

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