RBI का बड़ा एलान : बैंकिंग सिस्टम में 1.9 लाख करोड़ की लिक्विडिटी बढ़ाएगा
नई दिल्ली, 5 मार्च। केंद्र सरकार ने बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस क्रम में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस माह के दौरान ओपेन मार्केट में सरकारी इक्विटीज की खरीद करेगा और कुल मिलाकर करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये मूल्य के अमेरिकी डॉलर/रुपये की अदला-बदली करेगा।
केंद्रीय बैंक ने गत 28 फरवरी को सिस्टम में लांगटर्म लिक्विडिटी लाने के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर प्राइस की अमेरिकी डॉलर-रुपया अदला-बदली की थी, जिससे ऑक्शन में मजबूत डिमांड पैदा हुई। अब आरबीआई ने एक बार फिर ओपेन मार्केट के जरिए लिक्विडिटी बढ़ाने का एलान किया है, जिससे डिमांड में और तेजी आ सकती है। साथ ही भारतीय शेयर बाजार में बैंकिंग और एबीएफसी कम्पनियों के शेयर भी फोकस में आ सकते हैं.
रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि वह 12 मार्च और 18 मार्च को 50,000 करोड़ रुपये की दो किस्तों में कुल 1,00,000 करोड़ रुपये मूल्य के लिए भारत सरकार की इक्विडिटीज की ओएमओ (खुले बाजार परिचालन) खरीद नीलामी आयोजित करेगा। नीलामी दो भागों में 50000-50000 करोड़ रुपये की होगी। इसके अलावा, आरबीआई 24 मार्च को 36 महीने की अवधि के लिए 10 अरब रुपये के लिए USD/INR खरीद/बिक्री स्वैप ऑक्शन रखेगा।
लिक्विडिटी संकट से गुजर रहे बैंक
उल्लेखनीय है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम इस समय दस वर्षों में सबसे गंभीर लिक्विडिटी संकट का सामना कर रहा है, जिसमें नवम्बर में 1.35 लाख करोड़ रुपये के सरप्लस से दिसम्बर में 0.65 लाख करोड़ रुपये के घाटे में सिस्टम की लिक्विडिटी चेंज हो रही है। यह घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है, जो जनवरी में 2.07 लाख करोड़ रुपये और फरवरी में 1.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इन शेयरों में आ सकती है तेजी
इस बीच शेयर बाजार में बुधवार को तेजी देखने को मिली और कई कम्पनियों के शेयर अच्छे उछाल पर बंद हुए। मार्केट बंद होने के बाद आरबीआई की ओर से आई बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने की खबर सकारात्मक संकेत दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक और एनबीएफसी कम्पनियों के शेयर गुरुवार को भी फोकस में रह सकते हैं।
