नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों से बुधवार (28 अक्टूबर) को चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित टकराव की तैयारियों की समीक्षा बैठक के बाद कहा कि विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम मंडलों में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं और हालात को तेजी से सामान्य करने के उपाय भी किए गए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार ‘अर्नब’ नामक यह बहुत ही भीषण तूफान बुधवार सुबह तक आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार कर सकता है। यह तूफान बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास से गुजरेगा।
अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘मंडल, संभाग और बोर्ड स्तर पर वॉर रूम सक्रिय हैं। चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लगभग 600 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मरम्मत के सामान से लदी राहत गाड़ियां कृष्णा नहर, बिट्रागुंटा, मामिडीपुडी, विशाखापत्तनम, पलासा और पोंडुरू में खड़ी हैं।’
Preparedness for Tropical Cyclone TC02B (Arnab)
Reviewed cyclone Arnab preparedness ahead of expected landfall on 28th October.
Safety protocols and rapid restoration measures are in place across Vijayawada and Visakhapatnam divisions.
War rooms are active at Zonal, Divisional and Board level. Round-the-clock monitoring is underway.
Passenger safety is the top priority. Around 600 km of track is under close watch.
Relief wagons with repair material are stationed at Krishna Canal, Bitragunta, Mamidipudi, Visakhapatnam, Palasa and Ponduru.
Diesel locos, power units and ambulances are on standby at key junctions. Earthmovers, tree cutters and restoration tools are placed at short intervals.
Wind speed and water level are checked every hour.
Senior officials are on site.
Coordination with NDRF and State Disaster Authorities is active.
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) October 27, 2026
रेल मंत्री ने बताया कि ‘डीजल लोको’, ‘पॉवर यूनिट’ और एम्बुलेंस को प्रमुख रेलवे जंक्शनों पर तैयार खड़ा रखा गया है जबकि ‘अर्थमूवर’, पेड़ काटने वाली मशीनें और बहाली के उपकरण थोड़ी-थोड़ी दूरी पर हैं। उन्होंने कहा, ‘हवा की गति और जलस्तर की हर घंटे जांच की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा प्राधिकरणों के साथ समन्वय बना हुआ है।’
प्रभावित होने वाले राज्यों में 31 टीमें तैनात : NDRF DIG
इस बीच राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) मोहसेन शाहेदी ने कहा कि आने वाले साइक्लोन ‘अर्नब’ से प्रभावित होने वाले राज्यों में 31 टीमों को तैनात किया गया है और स्थिति के लिए एक रणनीति फाइनल कर दिया गया है। साइक्लोन ‘अर्नब’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बहुत गंभीर साइक्लोनिक तूफान बन चुका है।

मोहसेन शाहेदी ने कहा, ‘रविवार को एनडीएमए के तहत एक कोऑर्डिनेशन मीटिंग हुई, जिसमें सभी स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया। इसके बाद, कैबिनेट सेक्रेटरी ने सोमवार को एक मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें स्ट्रैटेजी को फाइनल किया गया। एनडीआरएफ टीमों को उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात किया गया है, जिनके प्रभावित होने की आशंका है। इनमें आंध्र प्रदेश, केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी के यनम, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। कुल 31 एनडीआरएफ टीमों की मांग की गई थी। अब वहां एनडीआरएफ के जवानों की तैनाती कर दी गई है।’
काकीनाडा व यनम के पास 1.0-2.0 मी. तक तूफानी लहरें उठने की उम्मीद
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि हवाएं तेज होने पर वे घर के अंदर रहें और यदि अधिकारी कहें तो सबसे पास के साइक्लोन शेल्टर में चले जाएं। समुद्र बहुत तूफानी से लेकर बहुत ज्यादा तूफानी होगा, लैंडफॉल पर 1.0 से 2.0 मीटर तक तूफानी लहरें उठने की उम्मीद है, जो काकीनाडा और यनम के पास सबसे ज्यादा होंगी।
आंध्र प्रदेश के 20 जिलों में 2,131 साइक्लोन शेल्टर स्थापित
आंध्र प्रदेश में अधिकारियों ने 20 जिलों में 2,131 साइक्लोन शेल्टर बनाए हैं। 18 जिलों में लगभग 2.07 करोड़ सब्सक्राइबरों तक मोबाइल अलर्ट पहुंच चुके हैं, जिनमें 6.9 लाख तटीय सब्सक्राइबरों तक लहरों के अलर्ट पहुंचे हैं। एनडीआरएफ की 12 टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की 10 टीमें 14 जिलों में तैनात की गई हैं, और हर बल की एक टीम रिजर्व में है।
मछुआरों से 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने को कहा गया
अधिकारियों ने मछुआरों से 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने को कहा है। इसी क्रम में सभी 30,043 मछली पकड़ने वाली नावें किनारे पर लौट आई हैं। बंदरगाहों पर चेतावनी के संकेत लगाए गए हैं। आंध्र प्रदेश और यानम के अलावा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड वगैरह भी इस तूफान से प्रभावित होंगे।
उधर ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर (SRC) के ऑफिस ने सोमवार को मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए झूठे, गुमराह करने वाले और अंदाजे वाले साइक्लोन के अनुमानों और चेतावनियों को फैलाने के खिलाफ एक एडवाइजरी जारी की।


