सुल्तानपुर, 26 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बरी कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने आज फैसला सुनाते हुए कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी मानहानिकारक प्रकृति की नहीं थी। राहुल गांधी फैसले के समय अदालत में मौजूद थे।
यह मामला 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए उनके एक बयान से जुड़ा था। यह मामला 2018 का है, जिसमें बेंगलुरु में एक सम्मेलन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद तत्कालीन भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
2023 में अदालत ने किया था तलब, 2024 में मिली जमानत
सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी विजय मिश्रा ने राहुल गांधी की टिप्पणी से आहत होने का हवाला देते हुए सुल्तानपुर की अदालत में उनके खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। इस मामले में राहुल गांधी को भी एमपी-एमएलए कोर्ट ने 16 दिसंबर 2023 को तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिली। फरवरी 2024 में सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दी थी। उस समय राहुल गांधी ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था।
इसके बाद मामले में बयान और अन्य न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ी। साक्ष्य संबंधी कार्यवाही पूरी होने के बाद अदालत ने अंतिम बहस के लिए मामला तय किया था। बाद में विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल की तुलना कराने की मांग की थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद सेशन कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अदालतों के फैसलों को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।


