रूस : पुतिन सरकार ने ब्लॉक किया WhatsApp! क्रेमलिन ने कहा- एप पर आतंकवाद और धोखाधड़ी की प्लानिंग होती है
मॉस्को, 12 फरवरी। रूस ने मैसेजिंग एप WhatsApp को देश के कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में ब्लॉक कर दिया है। गुरुवार को क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि की। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, ‘ऐसा फैसला लिया गया है और इसे लागू भी कर दिया गया है।’ उन्होंने बताया कि यह कदम WhatsApp की ‘रूसी कानूनों का पालन न करने की अनिच्छा’ के कारण उठाया गया।
इससे पहले, मेटा कम्पनी के स्वामित्व वाले WhatsApp ने कहा था कि रूसी अधिकारियों ने एप के एक्सेस को सीमित करने की कोशिश की है। यह बयान उस समय आया, जब टेलीग्राम के फाउंडर पावेल दुरोव ने भी मॉस्को पर अपने प्लेटफॉर्म की पहुंच रोकने का आरोप लगाया था।
मेटा का आरोप – रूस की WhatsApp को पूरी तरह ब्लॉक करने की कोशिश
WhatsApp ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘आज रूसी सरकार ने WhatsApp को पूरी तरह ब्लॉक करने की कोशिश की, ताकि लोगों को सरकारी निगरानी वाले एप की ओर धकेला जा सके। 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को सुरक्षित और निजी संवाद से अलग करना एक गलत कदम है और इससे रूस में लोगों की सुरक्षा कम होगी। हम यूजर्स को जोड़े रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।’
क्रेमलिन ने मेटा के सामने स्थानीय नियमों के पालन की रखी शर्त
क्रेमलिन के प्रवक्ता पेसकोव ने रूसी समाचार एजेंसी TASS से बातचीत में कहा कि यदि मेटा कम्पनी स्थानीय नियमों का पालन करती है तो WhatsApp को बहाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘यह रूसी कानूनों के पालन का मामला है। यदि मेटा नियमों का पालन करता है और रूसी अधिकारियों से बातचीत करता है तो समझौते की संभावना हो सकती है। लेकिन यदि कम्पनी अपने सख्त रुख पर कायम रहती है और कानूनों का पालन नहीं करती तो कोई मौका नहीं होगा।’
WhatsApp की स्पीड कम करने की प्रक्रिया भी शुरू
TASS की रिपोर्ट के अनुसार रूस के दूरसंचार निगरानी प्राधिकरण ने WhatsApp की स्पीड कम करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि इस एप का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और धोखाधड़ी व उगाही जैसे अपराधों के लिए किया गया है।
रूसी सरकार ने ‘Max’ नाम का एक वैकल्पिक एप पेश किया है
वहीं CNN की रिपोर्ट के अनुसार रूसी सरकार ने ‘Max’ नाम का एक वैकल्पिक एप पेश किया है, जिसे अब देश में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन और टैबलेट में पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस एप के जरिए यूजर मैसेज भेज सकते हैं, पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं और ऑडियो-वीडियो कॉल भी कर सकते हैं।
