नई दिल्ली, 3 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को लेकर मेयर अशोक तिवारी और कलेक्टर सत्येंद्र कुमार से फोन पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों को कम से कम परेशानी हो और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
प्रधानमंत्री ने राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावितों को तत्काल हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। अतिरिक्त राहत सामग्री की आवश्यकता होने पर उसकी तत्काल व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
पीएम मोदी ने प्रशासन को बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों पर लगातार नजर बनाए रखने तथा प्रभावित लोगों तक युद्धस्तर पर राहत पहुंचाने को कहा। वाराणसी प्रधानमंत्री मोदी का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है और वे शहर की स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।
इससे पहले बुधवार को गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया था। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है।
जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों और घाटों के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वाराणसी में गंगा का खतरे का स्तर 71.26 मीटर निर्धारित है, जबकि अब तक का सर्वाधिक बाढ़ स्तर 73.90 मीटर दर्ज किया गया है।
बाढ़ के मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से घाटों की ओर न जाने तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।


