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पीएम मोदी ने 5 वर्षों में कीं 33 विदेश यात्राएं, 2021 से 2025 के बीच विदेश यात्राओं पर कुल 362 करोड़ खर्च

पीएम मोदी ने 5 वर्षों में कीं 33 विदेश यात्राएं, 2021 से 2025 के बीच विदेश यात्राओं पर कुल 362 करोड़ खर्च

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नई दिल्ली, 25 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच पांच वर्षों में कुल 33 विदेश यात्राएं कीं। और उनकी इन विदेश यात्राओं पर केंद्र सरकार ने कुल खर्च 362 करोड़ रुपये खर्च किए। इनमें प्रधानमंत्री की मौजूदा ब्रिटेन और मालदीव यात्रा का खर्च और कुछ अधूरे बिल शामिल नहीं हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी।

दरअसल, बीते पांच वर्षों में पीएम मोदी की कुल 33 विदेश यात्राओं पर हुए खर्च के आंकड़ों में इस माह की शुरुआत में हुई पांच देशों की यात्रा भी शामिल है। हालांकि 2025 में हुई तीन यात्राओं — कनाडा (G7 समिट), ब्राजील (BRICS समिट) और मॉरीशस — के बिल अभी पूरी तरह से नहीं जुड़े हैं, इसलिए उनका हिसाब इसमें शामिल नहीं हैं।

2025 की बाकी तीन यात्राओं में फरवरी में फ्रांस और अमेरिका की यात्रा, अप्रैल में थाईलैंड और श्रीलंका का दौरा और अप्रैल के अंत में सऊदी अरब की यात्रा शामिल हैं। इन तीन यात्राओं पर कुल खर्च 67 करोड़ रुपये हुए।

इस वर्ष फ्रांस व अमेरिका की यात्राएं सबसे महंगी रहीं

इनमें सबसे महंगी यात्रा फरवरी में फ्रांस और अमेरिका की रही। 10 से 12 फरवरी तक चली फ्रांस यात्रा पर सरकार का खर्च 25.59 करोड़ रुपये आया। वहां पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की। 13 फरवरी को उन्होंने अमेरिका की एक दिन की यात्रा की, जिसका खर्च 16.54 करोड़ रुपये रहा।

फ्रांस दौरे पर पीएम मोदी के कम से कम नौ कार्यक्रम हुए, जिनमें मार्से में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन और मजारग युद्ध स्मारक की यात्रा शामिल है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी द्विपक्षीय बातचीत की थी। वहीं अमेरिका में पीएम मोदी की मुलाकात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई, जिसके बाद डिनर हुआ। उन्होंने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क सहित कई अमेरिकी हस्तियों और अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।

वर्ष 2021 से अब तक अमेरिकी यात्राओं पर कुल 74.41 करोड़ खर्च

देखा जाए तो प्रधानमंत्री मोदी 2021, 2023, 2024 और 2025 में चार बार अमेरिका गए और इन यात्राओं पर कुल मिलाकर 74.41 करोड़ रुपये खर्च हुए। पीएम मोदी की इसी वर्ष की यात्राओं में थाईलैंड और श्रीलंका का दौरा थोड़ा ज्यादा लगभग नौ करोड़ रुपये का रहा। दूसरी ओर, सिर्फ सऊदी अरब यात्रा पर सरकार ने 15.54 करोड़ रुपये खर्च किए। हालांकि, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के चलते पीएम मोदी को सऊदी अरब के जेद्दा शहर की यह यात्रा बीच में ही छोड़कर भारत लौटना पड़ा था। यह यात्रा दो दिन की तय थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी।

2024 की 11 विदेश यात्राओं में 17 देश शामिल थे, कुल 109.5 करोड़ खर्च

वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री ने कुल 11 विदेश यात्राएं कीं, जिनमें 17 देशों का दौरा शामिल था। इन यात्राओं पर कुल 109.5 करोड़ रुपये खर्च हुए। 21 सितम्बर 2024 से शुरू हुई अमेरिका की तीन दिन की यात्रा सबसे महंगी रही, जिस पर 15.3 करोड़ रुपये खर्च हुए।

2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की पहली विदेश यात्रा इटली में G7 समिट के लिए हुई थी, जिस पर 14.36 करोड़ रुपये खर्च हुए। कुल मिलाकर, 2024 प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के खर्च के लिहाज से दूसरा सबसे महंगा वर्ष रहा, पहले नंबर पर 2025 रहा।

2023 के 6 विदेशी दौरों पर 11 देश शामिल, कुल 93.6 करोड़ खर्च

पीएम मोदी ने वर्ष 2023 में छह बार विदेश यात्रा की और 11 देशों का दौरा किया। इन यात्राओं पर कुल खर्च 93.6 करोड़ रुपये हुआ। उस वर्ष जापान, अमेरिका और फ्रांस के दौरे पर क्रमशः 17.1 करोड़, 22.8 करोड़ और 13.74 करोड़ रुपये खर्च हुए।

2021 व 2022 में 14 देशों की यात्राओं पर कुल 90 करोड़ खर्च

प्रधानमंत्री ने 2021 और 2022 में कुल 14 देशों की 10 विदेश यात्राएं कीं। इन दो वर्षों में केंद्र सरकार ने कुल मिलाकर 90 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च किए। कोविड-19 महामारी के बाद 2021 में पीएम मोदी ने बांग्लादेश, अमेरिका, इटली और ब्रिटेन की तीन विदेश यात्राएं की थीं। 2022 में उन्होंने सात विदेश यात्राओं के जरिए 10 देशों का दौरा किया, जिनमें जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस, नेपाल, यूएई और इंडोनेशिया शामिल थे।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के चलते भी विदेश यात्राओं की संख्या बढ़ी

हर वर्ष होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, जैसे कि 2021 में इटली में हुआ G20 समिट, 2022 में इंडोनेशिया में और 2024 में ब्राजील में हुए G20 समिट के चलते भी इन यात्राओं की संख्या बढ़ी। इन अवसरों पर प्रधानमंत्री आमतौर पर कोशिश करते हैं कि किसी एक-दो और देशों का दौरा भी किया जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी हर वर्ष होने वाले ईस्ट एशियन समिट और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) की बैठकों में भी हिस्सा लेते हैं। हालांकि, 2022 में यह प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया था क्योंकि उस वर्ष ये सम्मेलन कंबोडिया में हुए थे। 2023 और 2024 में प्रधानमंत्री क्रमशः इंडोनेशिया और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (लाओ पीडीआर) गए।

2022 में प्रधानमंत्री ने शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के सम्मेलन में भाग लेने के लिए उज्बेकिस्तान की यात्रा की थी। 2024 में वह इसमें शामिल नहीं हुए जबकि 2023 में भारत ने इस सम्मेलन की मेजबानी वर्चुअल फॉर्मेट में की थी।

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