संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी मंजूरी
नई दिल्ली, 9 जनवरी। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से दो अप्रैल तक चलेगा। सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा चरण नौ मार्च से दो अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद का बजट सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दी जानकारी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की सिफारिश पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के दोनों सदनों को 2026 के बजट सत्र के लिए बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर दो अप्रैल 2026 तक चलेगा। किरेन रिजिजू ने लिखा कि पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा और संसद नौ मार्च 2026 को पुनः एकत्रित होगी। यह सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
On the recommendation of the Govt of India, Hon’ble President of India, Smt. Droupadi Murmu ji has approved the summoning of both the Houses of Parliament for the Budget Session 2026.
The Session will commence on 28 January 2026 and continue till 2 April 2026.The first phase… pic.twitter.com/FxGYCL7keq
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) January 9, 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को पेश करेंगी आम बजट
वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। इसके साथ ही टैक्सपेयर्स, नौकरीपेशा, किसान और उद्योग हर किसी की निगाहें अब बजट 2026 पर टिक गई हैं।

केंद्र सरकार की ओर से 2017-18 से आम बजट को लगातार एक फरवरी को पेश किया जा रहा है। स्टॉक एक्सचेंज भी संकेत दे चुके हैं कि यदि बजट रविवार को पेश किया जाता है तो इस दिन एक स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखा जाएगा।
सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला लगातार नौवां बजट होगा
यह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला लगातार नौवां बजट होगा। उन्होंने लगातार सबसे अधिक बजट प्रस्तुत करने का रिकॉर्ड पहले ही बना लिया है। यदि वह एक और बजट भी प्रस्तुत करती हैं, तो वे दिवंगत मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी, जिन्होंने दो कार्यकालों, 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार, में कुल 10 बजट प्रस्तुत किए थे। अन्य हालिया वित्त मंत्रियों में, पी. चिदंबरम ने नौ बजट प्रस्तुत किए थे, जबकि प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में आठ बजट प्रस्तुत किए थे।
