लखनऊ, 19 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां सिद्धिदात्री की आराधना करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में महिला सुरक्षा, रोजगार, निवेश, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ‘संकल्प से सिद्धि’ की दिशा में आगे बढ़ते हुए विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
नारी शक्ति को बताया प्रदेश की प्रगति का आधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में अहम भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां सुख, समृद्धि और कल्याण का वास होता है। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों का जिक्र किया।
2017 से पहले की स्थिति पर विपक्ष को घेरा
सीएम योगी ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में अराजकता, दंगे और माफिया गतिविधियां विकास में बाधा बन रही थीं। उनके मुताबिक, त्योहारों के दौरान उपद्रव की आशंका के कारण परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई और कानून का शासन स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसी बदलाव के चलते उत्तर प्रदेश की छवि ‘उपद्रव प्रदेश’ से ‘उत्सव प्रदेश’ के रूप में बदली है।
GSDP, आय और बजट में तीन गुना वृद्धि का दावा
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय, बजट और महिला श्रम बल भागीदारी में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार राजस्व अधिशेष की स्थिति में बना हुआ है और प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, बड़े कारखानों की संख्या लगभग 14 हजार से बढ़कर 35 हजार हो गई है। निवेश गतिविधियों के जरिए 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का भी उन्होंने दावा किया।
एक्सप्रेसवे, कृषि और स्टार्टअप पर भी रखे आंकड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत होने का दावा भी किया। योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है। इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के प्रयासों से तीन करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने का दावा किया।
रक्षा उत्पादन और औद्योगिक विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने औद्योगिक विस्तार, निवेश और रोजगार सृजन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले प्रमुख कारकों के रूप में पेश किया। अपने संदेश के अंत में योगी आदित्यनाथ ने ‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत है।


