श्रीकृष्ण जन्‍माष्‍टमी पर देशभर में श्रद्धा और हर्षोल्‍लास, राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति व प्रधानमंत्री की देशवासियों को बधाई

नई दिल्ली, 30 अगस्त। देशभर में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और वृंदावन में इस पर्व की कहीं ज्यादा धूम दिखाई पड़ रही है। वैसे पूरे देश में भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई गई हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है।

भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण का त्योहार है जन्माष्टमी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को दिए अपने संदेश में कहा है कि जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण का त्योहार है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भगवान कृष्ण के संदेश को फैलाने का भी अवसर है, जिसमें पवित्रता, सच्चाई और कर्तव्य की भावना पर जोर दिया गया है। उन्होंने कामना की है कि भगवान कृष्ण के जीवन के सभी शाश्वत मूल्य हम सभी को सदैव प्रेरित करते रहें।

भगवान कृष्ण का संदेश सभी मानव जाति के लिए प्रेरणास्रोत

उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने अपने संदेश में कहा है कि जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, जिनकी भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि भगवद गीता में भगवान कृष्ण का संदेश सभी मानव जाति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने और सच्चाई के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

वेंकैया नायडू ने कहा, ‘जहां हम जन्माष्टमी को पूरे देश में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मना रहे है वहीं हमें कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए सजग रहने की आवश्यकता है। हमें कोविड मानकों का पालन करते हुए सादगी से इस त्योहार को मनाना चाहिए।’ उन्होंने आशा व्यक्त की कि जन्माष्टमी देश में शांति, सौहार्द्र और संपन्नता लाएगा।

कला, सुन्दरता या आकर्षण में भगवान कृष्ण सर्वत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी है। आकाशवाणी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने रविवार को कहा था कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का त्योहार है और लोग नटखट कन्हैया से लेकर कृष्णा के विराट स्वरूप तक भगवान के सभी रूपों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कला, सुन्दरता या आकर्षण हो भगवान कृष्ण सर्वत्र है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब विश्व में लोग आज भारतीय अध्यात्मिक पद्धति और दर्शन पर ध्यान दे रहे हैं वहीं इन महान परंपराओं को आगे ले जाने का भी हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि जो हो चुका है, उसको पीछे छोड़ना होगा। लेकिन जिसका कोई समय नहीं है, उसे आगे ले जाना होगा। उन्होंने सभी से त्योहार को मनाने, इसके वैज्ञानिक तात्पर्य को समझने और इसके पीछे छिपे लक्ष्य को जानने का आह्वान किया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular