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मकर संक्रांति पर संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी- सुरक्षा व्यवस्था चौकस

प्रयागराज, 14 जनवरी। माघ मेला के द्वितीय स्नान पर्व मकर संक्रांति की पुण्य बेला में पावन त्रिवेणी एवं अन्य गंगा घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाने का क्रम शुरू हो गया है। तड़के से ही श्रद्धालु घाटों पर पहुंचने लगे थे। भक्तिभाव से ओतप्रोत बच्चे, युवा व बुजुर्ग मेला क्षेत्र पहुंच रहे हैं। मकर संक्रांति स्नान पर्व इस बार दो दिन शनिवार व रविवार को पड़ा है।

परंपरा के अनुसार 14 जनवरी यानी आज स्नान है, मुहूर्त की बात करें तो यह 15 जनवरी को है। ऐसे आस्थावान जो मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही मानते हैं वे स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। पंचांग के अनुसार रात 3:01 पर सूर्य देव मकर राशि में आएंगे और उदया तिथि मिलने की वजह से रविवार 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। माघ मेला 2023 के दूसरे स्नान पर्व को लेकर पुलिस सतर्क है।

  • सुरक्षा व्यवस्था चौकस, बनाए गए 16 घाट

मकर संक्रांति स्नान पर्व पर देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। उनके स्नान के लिए संगम सहित 16 घाट बनाए गए हैं। एंटी टेररिस्ट स्कवायड और स्पेशल टास्क फोर्स के कमांडो मुस्तैद किए गए हैं। आस-पास के इलाके में खुफिया तंत्र का जाल बिछाया गया है।

अधिकारियों ने स्नान घाटों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेले के सभी एंट्री प्वाइंट पर पुलिस टीम को चेकिंग के लिए लगाया गया है। निर्देश है कि सभी गाड़ियों को नहीं रोका जाए लेकिन शक होने पर वाहन की तलाशी लेकर पूछताछ की जा सकती है। डेढ़ सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के जरिए माघ मेला के हर कोने पर नजर रखी जा रही है।

  • इस दिन मनेगा मकर संक्रांति का त्योहार

श्रीधर्मज्ञानोपदेश संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार संक्रांति 14 जनवरी की रात 3.01 बजे लगेगी। यहीं, सूर्य मकर राशि में आकर उत्तरायण होंगे। इससे देवताओं का दिन व दैत्यों की रात्रि आरंभ होगी।
समस्त शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे। संक्रांति 15 जनवरी की दोपहर 2.27 बजे तक है। उदयातिथि के कारण रविवार को उसका पुण्यकाल दिनभर माना जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि संगम में स्नान करके यथासंभव दान करना अत्यंत पुण्यकारी है।

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