अधिकारी सुसाइड केस : पंजाब के पूर्व मंत्री भुल्लर व उनके पिता समेत तीन के खिलाफ मामला दर्ज
चंडीगढ़, 22 मार्च। पंजाब में भंडारण निगम के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के सिलसिले में पुलिस ने राज्य के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अमृतसर में पंजाब राज्य भंडारण निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस थाने में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर शनिवार रात दर्ज किया गया।
लालजीत सिंह भुल्लर ने शनिवार को राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से पद छोड़ने को कहा था। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था जिसमें रंधावा को यह कहते सुना जा सकता है कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया है। रंधावा ने वीडियो में भुल्लर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। रंधावा के पास पट्टी का अतिरिक्त प्रभार भी था। रंधावा को वीडियो में यह कहते सुना गया, ”खा लयी सल्फास तुहाडे यार ने। मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों। हुण नहीं मैं बचना (तुम्हारे दोस्त ने सल्फास खा लिया है, मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से। अब मैं नहीं बचूंगा)।” तरनतारन जिले के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताया।
प्राथमिकी के अनुसार, कौर ने कहा कि पंजाब राज्य भंडारण निगम ने पिछले साल अक्टूबर में कई जिलों में नए गोदामों के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की थीं और भुल्लर उन कई लोगों में शामिल थे, जिन्होंने तरनतारन के पट्टी और भिखीविंड में उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर द्वारा गोदामों के निर्माण के लिए एक निविदा पर बोली लगाई थी। कौर ने अपनी शिकायत में कहा कि उनके पति ने उन्हें बताया था कि उनके ऊपर यह निविदा भुल्लर के पिता को देने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इस दबाव के कारण उनके पति अक्सर टूट जाते थे और खुद को बुरी तरह घिरा हुआ महसूस करते थे।
कौर ने कहा कि उनके पति उनसे कहते थे कि वह नियमों के खिलाफ नहीं जा सकते। कौर ने आरोप लगाया कि गोदाम की निविदा किसी अन्य पक्ष को दिए जाने के बाद भुल्लर क्रोधित हो गए तथा उन्होंने उनके पति पर और दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भुल्लर व्हाट्सऐप के जरिए कॉल कर उन्हें हिंसा की धमकी देते थे और निविदा रद्द कर उसे उनके पिता के नाम पर जारी करने के लिए कहते थे। प्राथमिकी के अनुसार, 13 मार्च को भुल्लर ने रंधावा को पट्टी स्थित अपने आवास पर बुलाया और उन्हें अपमानित किया एवं उनके साथ मारपीट की। कौर ने आरोप लगाया कि उनके पति को बंदूक की नोक पर यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया कि उन्होंने किसी अन्य पक्ष को निविदा आवंटित करने के लिए 10 लाख रुपये लिए थे।
उन्होंने कहा कि इस प्रताड़ना के कारण उनके पति ने शनिवार सुबह पांच बजकर 50 मिनट पर जहर खा लिया और आत्महत्या करने से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया। मान ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच करने का निर्देश दिया है और भुल्लर से पद छोड़ने को कहा है ताकि निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके। मान ने कहा था कि इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भुल्लर के परिवहन एवं जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंपे जाएंगे। वीडियो के ऑनलाइन सामने आने के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
