ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा नामंजूर, जानिए क्या बोले आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण

महाकुंभ नगर, 14 फरवरी। फिल्म जगत से अध्यात्म के क्षेत्र में आईं और हाल में किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा देने वाली ममता कुलकर्णी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है और वह किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी रहेंगी। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने एक न्यूज एजेंसी से ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर पद पर बने रहने की पुष्टि की।

ममता कुलकर्णी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘ महामंडलेश्वर पद से मेरा इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। मैं आभारी हूं कि आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मुझे इस पद पर बनाए रखा। महामंडलेश्वर बनाने के बाद मैंने जो गुरु को भेंट की थी वह छत्र, छड़ी और चंवर के लिए और उसमें से जो पैसा बचा वह भंडारे के लिए था।’’

इससे पूर्व 10 फरवरी को ममता कुलकर्णी ने एक वीडियो जारी कर कहा था ‘‘मैं यमाई ममता नंद गिरि अपने पद से इस्तीफा देती हूं। किन्नर अखाड़े और दूसरे संतों के बीच मुझे महामंडलेश्वर बनाए जाने को लेकर दिक्कत हो रही है।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘ 25 साल तपस्या के बाद मुझे यह सम्मान दिया गया था। मैंने देखा कि मुझे महामंडलेश्वर पद दिए जाने से कई लोगों को आपत्ति हुई। मैंने चैतन्य गगन गिरि महाराज के सानिध्य में 25 साल घोर तपस्या की।’’

किन्नर कथावाचक हिमांगी सखी और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति की थी। ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर का पद छोड़ने के साथ ही इस पद के बदले दो लाख रुपये मांगे जाने का भी आरोप लगाया था। गत 24 जनवरी को ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था।

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