लखनऊ, 13 जनवरी। मकर संक्रांति को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। साल 2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति को मनाया जाता है। इस दिन सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं। मकर संक्रांति के दिन सालों बाद कुछ दुर्लभ योग का संयोग बन रहा है जिससे कुछ राशियों के अच्छे दिन शुरू होंगे। यह दिन सूर्य की पूजा के लिए विशेष होता है।
- कब से शुरू होगा पुण्य काल
इस बार पुण्यकाल 15 जनवरी को सुबह 7 बजे से शुरू हो जाएगा,जो सूर्यास्त शाम को 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। इसमें स्नान, दान,जाप कर सकते हैं। मकर संक्रांति का महापुण्य काल प्रातः काल 7 बजे से प्रातः काल 8 बजकर 46 तक रहेगा।
- 77 साल बाद बन रहा है ये खास संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 15 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति पर 77 सालों के बाद वरीयान योग और रवि योग का संयोग बन रहा है। इस दिन बुध और मंगल भी एक ही राशि धनु में विराजमान रहेंगे, इन ग्रहों की युति राजनीति, लेखन में कार्य कर रहे लोगों के लिए बहुत लाभदायक होती है।
- पूजा विधि
मकर संक्रांति के दिन भक्त पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। पूजा करने के लिए सबसे पहले उठकर साफ सफाई कर लें। इसके बाद अगर संभव हो तो आसपास किसी पवित्र नदी में स्नान करें यदि ऐसा न कर पाएं तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। आचमन करके खुद को शुद्ध कर लें। इस दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है, तो पीले वस्त्र धारण कर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद सूर्य चालीसा पढ़े और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। इस दिन दान करने का खास महत्व माना गया है।


